कोरोना से निपटने के लिए केंद्र ने कसी कमर, यूपी-पंजाब और हिमाचल भेजी गईं हाई लेवल टीमें





 देश में कोरोना महामारी से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने एक बार फिर से कमर कस ली है। केंद्र सरकार ने आज यूपी, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के लिए हाईलेवल टीमें भेजी हैं। इन राज्यों में बीते दिनों कोरोना के मामलों में तेजी आई है। इससे पहले केंद्र ने गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और मणिपुर में कोरोना की स्थिति की निगरानी के लिए विशेष स्वास्थ्य टीमें भेजी थीं। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में विशेष टीमें भेजी जा चुकी हैं।

दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, केरल समेत देश के कई राज्यों में पिछले दिनों कोरोना के मामलों में उछाल आया है। इससे देश में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ता दिख रहा है। इस पर केंद्र सरकार लगातार नजर बनाए हुए हैं। केंद्र सरकार, दिल्ली में मदद के लिए आगे आई हैं और वह राज्य सरकार की हरसंभव मदद कर रही है। दिल्ली में बीते दिनों कोरोना के नए मामले लगातार बढ़े हैं। यहां प्रतिदिन करीब 100 मौतें हो रही हैं जबकि करीब 5-7 हजार मामले रोज सामने आ रहे हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि तीन सदस्यीय टीमें कोरोना को लेकर इन राज्यों में उन जिलों का दौरा करेंगी जहां सबसे तेजी से मामले बढ़ रहे हैं। यह टीमें कोरोना पॉजिटिव मामलों की रोकथाम, निगरानी, ​​परीक्षण, संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण उपायों और कुशल ​​प्रबंधन की दिशा में राज्य के प्रयासों का समर्थन करेंगी। केंद्र की टीम राज्यों को समय पर इलाज और अनुवर्ती से संबंधित चुनौतियों का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने के लिए मार्ग दर्शन करेगी।

दिल्ली में बढ़ा संक्रमण, महाराष्ट्र सबसे आगे

दिल्ली और महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में वृद्धि जारी है। दिल्ली में कोरोना से मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। यहां बीते 24 घंटों में 111 लोगों की मौत हुई है। महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु के बाद दिल्ली में सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं। शनिवार को यहां कोरोना के 5879 नए मामले सामने आए। महाराष्ट्र की बात करें तो यहां एक दिन में 5,640 नए मामले सामने आने के बाद राज्‍य में कुल संक्रमित मरीजों की संख्‍या बढ़कर 17,68,695 हो गई है। बीते 24 घंटे में यहां 155 लोगों की मौत हुई हैं। 

देश में कोरोना के मामलों की बात करें तो आज लगातार 15वें दिन 50 हजार से कम मामले सामने आए हैं। पिछली बार देश में 7 नवंबर को 50 हजार से ज्यादा मामले सामने आए थे। इसके साथ ही सक्रिय मामलों की दर 4.85 प्रतिशत है।


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