Bihar Election 2020: CM नीतीश ने खेला इमोशनल कार्ड, विपक्ष ने कहा-रिटायरमेंट स्वीकार कर लिया

Bihar Election 2020 बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2020) के अंतिम चरण के अंतिम दिन अपने अंतिम चुनाव प्रचार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने अपने राजनीतिक जीवन को लेकर बड़ी बात कही। उन्‍होंने कहा कि यह उनका अंतिम चुनाव (Last Election) है, अंत भला तो सब भला। नीतीश कुमार के इस बयान के बाद बिहार में सियासत गर्म हो गई है। लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के अध्‍यक्ष चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने कहा है कि पांच साल का हिसाब नहीं दिया और अभी से बता दिया कि आगे भी हिसाब देने नहीं आएंगे। एलजेपी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से कहा गया कि जो लोग मैदान छोड़ कर भाग चुके हैं, उनपर कौन विश्‍वास करेगा? उधर, राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्‍वी यादव (Tejashwi Yadav) ने कहा है कि वे पहले से कह रहे हैं कि नीतीश कुमार थक चुके हैं। इस मामले में जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने भी सफाई दी है।

अंतिम चुनाव का खेला इमोशनल कार्ड

विदित हो कि गुरुवार को पूर्णिया के धमदाहा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी रैली में इस चुनाव को अपना अंतिम चुनाव बता कर इमोशनल कार्ड खेला। इसके साथ ही उन्‍होंने अपने प्रत्‍याशी के लिए वोट मांगा। इसपर पक्ष-विपक्ष की बयानबाजी तेज है।

पांच साल का नहीं दिया हिसाब, आगे भी नहीं देंगे

एलजेपी के अध्‍यक्ष चिराग पासवान तंज कसते हुए कहते हैं कि 'साहब' (नीतीश कुमार) कहते हैं कि यह उनका अंतिम चुनाव है। उन्‍होंने बीते पांच साल का हिसाब दिया नहीं और अभी से ही बता दिया है कि अगली बार हिसाब देने नहीं आएंगे। चिराग ने जनता से कहा है ह‍ि वे अपना अधिकार उनको नहीं दें जो कल आशीर्वाद मांगने नहीं आएंगे। अगले चुनाव में न तो साहब रहेंगे, न ही जनता दल यूनाइटेड। फिर लोग हिसाब किससे लेंगे?

पहले से ही कह रहे थे, थक चुके हैं नीतीश कुमार

आरजेडी नेता तेजस्‍वी यादव ने कहा कि वे पहले से कह रहे हैं कि नीतीश कुमार पूरी तरह थक चुके हैं। आखिरकार उन्होंने अंतिम चरण से मतदान के पहले अपनी हार मानकर राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। उन्‍होंने हमारी बात पर मुहर लगा दी है।

थकी हुई नीतीश सरकार ने स्वीकार किया रिटायरमेंट

कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला कहा है कि रिटायर्ड नीतीश सरकार ने अपना रिटायरमेंट स्वीकार कर लिया है। तीसरे चरण का चुनाव आते-आते नीतीश कुमार ने इस चुनाव को अपना आखिरी चुनाव बता कर हार स्वीकार कर ली है। इसके साथ ही महागठबंधन की जीत की खुशबू आनी शुरू हो गई है। सुरजेवाला ने कहा कि मोदी-नीतीश की जोड़ी ने अपनी नाकामी पर पर्दा डालने और चुनाव को जाति-धर्म में बांटने की नाकाम कोशिश की। यहां तक की वे पाकिस्तान की शरण में भी चले गए। और तो और, वोटों के ध्रुवीकरण के लिए भारतीय जनता पार्टी ने ओवैसी जैसे अपने तोते को भी बंटवारे की स्क्रिप्ट देकर सीमांचल में उतारा, मगर जनता ने बीजेपी व जेडीयू के तोते उड़ा दिए।

जेडीयू की सफाई: जब तक जनता चाहेगी, करते रहेंगे काम

इस मामले में जेडीयू ने भी सफाई दी है। जेडीयू नेता अजय आलोक ने कहा है कि राजनेता, डॉथ्‍टर व वकील रिटायर नहीं होते हैं। जब तक जनता चाहेगी, तब तक नीतीश कुमार काम करते रहेंगे। जेडीयू के प्रदेश अध्‍यक्ष वशिष्‍ठ नारायण सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार का मतलब अंतिम चुनावी सभा से था। राजनीति में कोई रिटायर नहीं होता है।


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