राजनाथ की रूसी रक्षा मंत्री से मुलाकात, पाकिस्तान को 'नो आर्म्स सप्लाई' नीति पर कायम रूस


भारत और चीन के बीच बॉर्डर पर जारी तनातनी अब भी जारी है. इस बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रूस के दौरे पर हैं, जहां वो शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में हिस्सा ले रहे हैं. गुरुवार को राजनाथ सिंह की मुलाकात रूस के रक्षा मंत्री सर्गी से हुई. दोनों नेताओं के बीच इस दौरान गजब की केमेस्ट्री दिखी, तो वहीं एक ऐसा फैसला भी हुआ जो पाकिस्तान के लिए खतरे की घंटी है.

गुरुवार को दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों के बीच हुई बैठक करीब एक घंटे से अधिक तक चली. भारत की मांग पर रूस ने वादा किया कि वो पाकिस्तान के साथ No Arms Supply की पॉलिसी जारी रखेगा. यानी पाकिस्तान को किसी तरह के बड़े हथियार सप्लाई नहीं किए जाएंगे.

इसके अलावा भारत के सुरक्षा से जुड़े मामलों पर रूस ने पूरे साथ का भरोसा भी दिया है. इस बैठक में रूस ने भारत के मेक इन इंडिया प्रोग्राम का समर्थन किया और अपनी ओर से योगदान की बात कही. 

गौरतलब है कि कई मोर्चों पर रूस ने भारत का खुलकर समर्थन किया है. फिर चाहे वो हथियार पहुंचाना हो या फिर वैश्विक मंच पर भारत के हक में आवाज उठाना हो. यही कारण है कि चीन से जारी तनाव के बीच ये दौरा काफी अहम हो जाता है. 

इस मुलाकात के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मॉस्को में मौजूद महात्मा गांधी की प्रतिमा पर जाकर श्रद्धांजलि दी. बता दें कि मॉस्को में शंघाई सहयोग संगठन देशों के रक्षा मंत्रियों की बैठक हो रही है. यहां चीनी रक्षा मंत्री फेंग ने राजनाथ सिंह से मुलाकात की अपील की है, हालांकि अभी भारत की ओर से इसे कन्फर्म नहीं किया गया है. 

राजनाथ सिंह का बीते कुछ वक्त में ये दूसरा रूस दौरा है. पिछली बार भी वह चीन के साथ तनाव के बीच रूस पहुंचे थे, जहां कई बड़े हथियारों की डील हुई थी. रूस ने भारत को जल्द से जल्द हथियारों और अन्य सामानों की सप्लाई का भरोसा दिया था.

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