बीएसएफ ने बांग्लादेश से लौट रही मालगाड़ी से धरा एक घुसपैठिया, अबतक 6 बांग्लादेशी गिरफ्तार


बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित पेट्रापोल चेकपोस्ट से सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के गश्ती दल ने एक बार फिर पड़ोसी देश से लौट रही खाली मालगाड़ी में छिपकर आ रहे एक और बांग्लादेशी घुसपैठिए को सोमवार को पकड़ा है। अधिकारियों ने बताया कि यह मानव तस्करी का मामला है और भारत में काम के उद्देश्य से बांग्लादेशी नागरिक को भेजा गया था।

बीएसएफ के दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के डीआइजी व वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी सुरजीत सिंह गुलेरिया ने बताया कि 20 जून से अब तक 5 घटनाओं में बीएसएफ के जवानों ने 6 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा है जब वे सीमा पार से आ रही मालगाड़ी में अवैध रूप से सफर कर रहे थे। इनमें दो तो 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे थे जिनको मानव तस्करी के दलालों ने बाल श्रम के उद्देश्य से मालगाड़ी की बोगी मे छिपाकर भारत भेजा लेकिन यह पकड़े गए। इसके अलावा तीन बांग्लादेशी नागरिकों को बांग्लादेश जाने वाली मालगाड़ी की बोगी में मिर्ची के बोरों के नीचे छिपे होने पर पेट्रापोल रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया था।

बताया गया कि 6 जुलाई को दोपहर करीब 1 बजे बांग्लादेश से भारत एक मालगाड़ी आ रही थी तो 179वीं बटालियन के जवानों ने बीएसएफ की इंटेलिजेंस ब्रांच की खबर पर उत्तर 24 परगना जिले में पेट्रापोल एकीकृत जांच चौकी के निकट जीरो पॉइंट पर उसकी चेकिंग की तो इसमें एक अधेड़ उम्र का व्यक्ति छिपा हुआ पाया गया। बीएसएफ ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया। पूछताछ करने पर उसने अपना नाम मोहम्मद अबू ताहिर (41), गांव- बूरबुरिया, कोमिला (बांग्लादेश) बताया। उसने बताया कि वह कोमिला में सुनार की दुकान में काम करता है तथा वह गोपाल करमाकर जो कि गांव- बूरबुरिया, पुलिस स्टेशन- बुरिचांग, जिला कोमिला, दलाल के बताए अनुसार मालगाड़ी की खाली बोगी में बैठ गया। उसे भारत में एक दलाल अकबर मंडल, गांव- जयंतीपुर, पुलिस स्टेशन -पेट्रापोल, जिला- उत्तर 24 परगना की मदद से कहीं नौकरी करनी थी।

उसने बताया कि पैसे कमाने के पश्चात उसकी इच्छा अजमेर शरीफ राजस्थान जाने की थी। दरअसल, पेट्रापोल के पास अंतरराष्ट्रीय सीमा के दोनों ओर मानव तस्करी के दलालों का नेटवर्क है जो कि मासूम लोगों से अच्छा खासी रकम ऐंठ कर यह अवैध धंधा करते हैं।

बीएसएफ के प्रवक्ता ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह घुसपैठ जो कि मालगाड़ी के डिब्बों में छिपकर हो रही है, यह नया तरीका मानव तस्करों ने अपनाया है। हमने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से भी इस विषय में बात की है कि जब मालगाड़ी के डिब्बे खाली कर दिए जाते हैं तो इन्हें अच्छी तरह चेक करके सील कर दिया जाएं ताकि डिब्बों में अवैध घुसपैठ न हो सके।गिरफ्तार किए गए घुसपैठिए को आगे की कानूनी कार्यवाही के लिए बनगांव जीआरपी के हवाले कर दिया गया है। 

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