झारखंड-बिहार जोन के 68 कृषि विज्ञान केंद्रों में से गुमला को मिला पहला स्थान


देश के 716 कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) में से शीर्ष 13 में झारखंड के बिशुनपुर, गुमला स्थित केवीके को स्थान हासिल हुआ है। झारखंड-बिहार जोन की बात करें तो यहां के 68 केंद्रों में उसने  पहला स्थान प्राप्त किया है। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आइसीएआर) के 92वें स्थापना दिवस पर ऑनलाइन कार्यक्रम में संबंधित केंद्रों को पंडित दीनदयाल उपाध्याय कृषि विज्ञान केंद्र प्रोत्साहन पुरस्कार देने की घोषणा की। बिशुनपुर स्थित यह संस्थान विकास भारती द्वारा संचालित है, जिसके  अध्यक्ष पद्मश्री अशोक भगत हैं। संस्थान को पुरस्कार स्वरूप प्रशस्ति-पत्र एवं 7.50 लाख रुपये दिए जाएंगे।


शुक्रवार को विकास भारती बिशुनपुर के सचिव पद्मश्री अशोक भगत ने कृषि विज्ञान केंद्र, गुमला के समन्वयक व वरीय वैज्ञानिक डॉ. संजय कुमार पांडेय को उनके कार्यों के लिए सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि कृषि वैज्ञानिकों के प्रयास से यह सम्मान मिला है, जो झारखंड के साथ-साथ इस संस्थान के लिए गौरव की बात है। बताते चलें कि पूरे देश में संचालित 716 केवीके को 11 जोन में बांटा गया है। इस पुरस्कार के लिए प्रत्येक जोन से एक-एक, जबकि दो जोन से दो-दो संस्थान का चयन किया गया है।

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