हांगकांग के बाद तिब्‍बत को लेकर चीन-अमेरिका में ठनी, चीनी अफसरों के लिए बंद हुए US के रास्‍ते


हांगकांग के बाद अब अमेरिका और चीन के बीच तिब्‍बत को लेकर ठन गई है। अमेरिका ने चीन के खिलाफ कठोर कदम उठाते हुए तिब्‍बत एक्‍ट के तहत चीनी अधिकारियों के अमेरिका में प्रवेश पर रोक लगा दिया है। विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने तिब्‍बत एक्‍ट को साफ करते हुए कहा कि अमेरिका ने चीनी अधिकारियों के एक निश्चित समुह के लिए वीजा प्रतिबंधों की घोषणा की है। अमेरिका ने यह कदम तब उठाया है, जब चीन ने अमेरिकी राजनयिकों एवं पर्यटकों के लिए  तिब्‍बती स्‍वायत्‍त क्षेत्र (टीएआर) के अंदर प्रवेश से रोक लगा दिया है। चीन के इस कदम के बाद अमेरिका ने यह कदम उठाया है।

चीन के इस कदम से बाैखलाया अमेरिका 

उन्‍होंने अपने एक बयान में कहा कि यह प्रतिबंध उन चीनी अधिकारियों के लिए है, जिन्‍होंने विदेशियों के लिए तिब्‍बत के दरवाजें बंद किए हैं। पोम्पिओ ने कहा कि बीजिंग ने अमेरिकी राजनयिकों और अन्‍य अधिकारियों, पर्यटकों के लिए टीएआर और अन्‍य तिब्‍बती क्षेत्रों में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। उन्‍होंने कहा कि चीन यात्रा में बाधा डालने के लिए कई तरह के रोरा उत्‍पन्‍न कर रहा है, जबकि चीनी अधिकारियों एवं अन्‍य नागरिक अमेरिका में प्रवेश का आनंद ले रहे हैं। पोम्पियो ने आगे कहा कि वह चीनी सरकार और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के अधिकारियों पर वीजा प्रतिबंधों की घोषणा कर रहे हैं, जो तिब्बती क्षेत्रों में विदेशियों के लिए पहुंच से संबंधित नीतियों के निर्माण या निष्पादन में काफी हद तक शामिल हैं।

धार्मिक, सांस्कृतिक और भाषाई पहचान के संरक्षण के लिए भी प्रतिबद्ध

हम तिब्बतियों के लिए सार्थक स्वायत्तता का समर्थन करने, उनके मौलिक और अकल्पनीय मानवाधिकारों के लिए सम्मान, और उनकी अद्वितीय धार्मिक, सांस्कृतिक और भाषाई पहचान के संरक्षण के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। सच्ची पारस्परिकता की भावना में, हम अमेरिकी कांग्रेस के साथ मिलकर काम करेंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अमेरिकी नागरिकों के पास TAR और अन्य तिब्बती क्षेत्रों सहित पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के सभी क्षेत्रों में पूर्ण पहुंच हो।

क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बहुत महत्वपूर्ण कदम

उन्होंने कहा कि तिब्बती क्षेत्रों में प्रवेश क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि वहां चीनी मानवाधिकारों का हनन करते हैं।  पोम्पिओ ने कहा कि अमेरिका तिब्बती समुदायों के सतत आर्थिक विकास, पर्यावरण संरक्षण और मानवीय स्थितियों को आगे बढ़ाने के लिए काम करना जारी रखेगा। 

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