अदालत ने पश्चिम बंगाल से कोविड-19 के वक्त बच्चों को तस्करी से बचाने को कहा


कोलकाता: कोविड-19 महामारी और अम्फान चक्रवात से आयी मुसीबतों के बीच बाल तस्करी और शोषण की आशंका प्रकट करते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बुधवार को राज्य सरकार को बच्चों को बचाने के लिए सभी कदम उठाने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति सौमेन सेन और न्यायमूर्ति हरीश टंडन की खंडपीठ ने कहा कि बाल विवाह और तस्करी के मामलों पर आठ जून को पश्चिम बंगाल बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा सौंपी गयी रिपोर्ट ‘चौंकाने वाली’ है। पीठ ने कहा कि इस रिपोर्ट में बाल विवाह, यौन उत्पीड़न, बाल तस्करी एवं बाल अधिकारों के उल्लंघन की अन्य घटनाओं के आंकड़े दिए गए हैं। अदालत ने कहा कि बाल विवाह की आड़ में तस्करी और बाल श्रम बच्चे के परिवार के सदस्यों की संलिप्तता की वजह से और विचलित करने वाली बात है। बंगाल बाल अधिकार संरक्षण आयोग और बचपन बचाओ आंदोलन नामक एनजीओ की रिपोर्ट पर गौर करते हुए पीठ ने प्रधान सचिव (गृह विभाग) को दर्ज किये गये मामलों, बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए उठाये गये कदमों पर हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया।

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