चीन से तनातनी के बीच मिला रूस का साथ, हथियारों की जल्द सप्लाई का भरोसा


कहावत है कि संकट के वक्त में जो आपके साथ आए, वही आपका सच्चा दोस्त है. भारत और चीन के बीच इन दिनों तनाव की स्थिति बनी हुई है, ऐसे में भारत का पुराना दोस्त रूस मुश्किल वक्त में साथ देने के लिए आगे आया है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रूस के दौरे पर हैं, इस बीच अब रूस ने हर संभव मदद का भरोसा दिया है. जिसमें हथियारों की जल्द सप्लाई भी शामिल है.

मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रूस में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जल्द से जल्द हमें रूस से हथियार मिलेंगे और जो मांगें भारत ने रखी हैं उन्हें पूरा किया जाएगा.

जवाब में रूस के डिप्टी पीएम वाई. बोरिसोव ने भरोसा दिया कि अगर कभी भी भारत की अखंडता और एकता पर सवाल खड़ा होता है, तो हमारी कोशिश हर संभव तरह से भारत के साथ खड़ा होने की होती है. साथ ही मौजूदा हालात पर कहा कि भारत एक शांति प्रिय देश है.

आपको बता दें कि भारत और चीन के बीच जारी मौजूदा तनाव के इस दौर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रूस की विक्ट्री डे परेड में शामिल होने पहुंचे हैं. उम्मीद है कि भारत को कई महत्वपूर्ण हथियार मिल सकते हैं, जिसमें S-400 एंटी मिसाइल सिस्टम भी शामिल है.

भारत को रूस से इसके अलावा भी कई हथियार लेने हैं, जो ऑर्डर दिए जा चुके हैं कुछ का पेमेंट भी हो चुका है. लेकिन इन सभी की डिलिवरी अगले साल दिसंबर तक होनी थी, लेकिन अब सहमति बनी है कि इस वक्त को कम किया जाएगा. इससे पहले भी कई बार ऐसा हुआ है जब भारत की जरूरत पर रूस ने हथियारों को तुरंत सौंपा है.

राजनाथ सिंह जिस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए गए हैं, वहां दुनियाभर से लोग पहुंचे हैं. चीन के रक्षा मंत्री समेत कई बड़े अधिकारी यहां मौजूद हैं, लेकिन भारतीय मंत्री इस दौरान उनसे मुलाकात नहीं करेंगे. हालांकि, इस दौरान दोनों मंत्री विक्ट्री डे परेड में शामिल होंगे, लेकिन द्विपक्षीय मुलाकात नहीं होगी.

इसके अलावा मंगलवार को हुई रूस-भारत-चीन के विदेश मंत्रियों की वार्ता में भी भारत ने खरी-खरी सुनाई. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दो टूक कहा कि जो देश खुद को बड़ा मानते हैं, अब जरूरत है कि वो अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करें.

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