बंगाल में 94 साल के बुजुर्ग ने कोरोना को दी मात, रचा इतिहास


कोरोना महामारी के बीच कुछ अच्छी खबरें भी आ रही हैं. कोलकाता में 94 साल के एक बुजुर्ग ने कोरोना वायरस से जंग जीत ली है और इस तरह से यह बुजुर्ग पूरे बंगाल में कोरोना को मात देने वाले सबसे उम्रदराज शख्स बन गए हैं.

उत्तरी कोलकाता के मानिकतला के निवासी लाल मोहन सेठ को अस्पताल में एक पखवाड़ा गुजारने के बाद गुरुवार को कलकत्ता मेडिकल कॉलेज (सीएमसी) अस्पताल से छुट्टी मिल गई.

लाल मोहन सेठ को सीएमसी में 9 जून को बुखार, सांस लेने में दिक्कत और हाइपोक्सिया के कारण कोविड-19 अस्पताल में भर्ती कराया गया था. बाद में 13 जून को उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई.

इम्यूनिटी क्षमता बहुत अच्छीः डॉक्टर बिस्वास

अस्पताल में चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर इंद्रनील बिस्वास के अनुसार, उम्र ज्यादा होने के बावजूद लाल मोहन सेठ की इम्यूनिटी क्षमता बहुत अच्छी थी, जिससे उन्हें तेजी से ठीक होने में मदद मिली और ठीक हो गए.

डॉक्टर इंद्रनील बिस्वास ने इंडिया टुडे को बताया कि जब वह यहां आए तो उन्हें सांस लेने में तकलीफ थी. उनके लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था करनी थी, लेकिन वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत नहीं थी. उन्हें हाइपर टेंशन था और हमें हाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट को संतुलित बनाए रखना था. धीरे-धीरे उन्होंने ठीक होने के संकेत दिखाने शुरू कर दिए और ऑक्सीजन के बिना सांस ले सकते थे.

5 बच्चों के पिता, 94 वर्षीय व्यवसायी सेठ शुरू में अस्पताल में भर्ती होने से हिचकिचा रहे थे, लेकिन सीएमसी में उन्हें मिले इलाज से परिवार खुश है.

'अस्पताल से 941 लोग हुए ठीक'

गुरुवार को जब सेठ को डिस्चार्ज किया गया, तो अस्पताल के डॉक्टर और नर्स उन्हें देखने के लिए लॉबी में एकत्रित हो गए थे. अस्पताल के कर्मचारियों की ओर से उन्हें उपहार के रूप में फूल और स्वास्थ्य पेय की एक बोतल दी गई.

तृणमूल कांग्रेस के विधायक डॉक्टर निर्मल माजी जो अस्पताल में रोगी कल्याण समिति के अध्यक्ष भी हैं, ने डॉक्टरों और कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की. उन्होंने कहा कि अब तक 1,538 कोरोना मरीजों को भर्ती किया जा चुका है जिसमें 941 पूरी तरह से ठीक हो गए हैं और उन्हें छुट्टी दे दी गई है.

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