Domestic Flights Fare Chart: आज से हवाई यात्रा शुरू, 2000 रुपये में टिकट बुकिंग, समझें किराए का पूरा गणित


दो महीने तक बंद रहने के बाद सोमवार यानी आज से घरेलू हवाई यात्रा शुरू हो चुकी है. इस हवाई यात्रा के किराए को लेकर सरकार पहले ही कैपिंग कर चुकी है. सरकार ने हवाई यात्रा के किराये पर नियंत्रण के लिए इसे यात्रा के समय (ट्रैवल टाइम) के आधार पर 7 वर्गों में बांटा है.

नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि यात्रा के समय आधार पर किराए को 7 बैंड (भागों) में बांटा गया है. अगले तीन महीने तक यात्रियों से इसी तर्ज पर किराया वसूला जाएगा. इसका साफ-साफ मतलब ये है कि विमानन कंपनियां अपनी मर्जी से किराये को नहीं बढ़ा पाएंगी और यात्रियों को कम किराये पर यात्रा की सुविधा मिलेगी.

सरकार के निर्देशों के मुाताबिक विमानन कंपनियों को 40 फीसदी यात्रा टिकटों को औसत दर पर बेचना अनिवार्य होगा. यह किराया करीब 6700 रुपये होगा. सरकार ने विमानन कंपनियों, हवाईअड्डों और अन्य पक्षकारों के लिए कई दिशा-निर्देश जारी किए. देश में 25 मार्च से जारी लॉकडाउन के चौथे चरण के अंतिम सप्ताह में घरेलू हवाई सेवा को ऐसे समय में बहाल किया गया है जब पिछले 4 दिन से लगातार देश में कोविड-19 के 6,000 से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं. रविवार को देश में 6,767 लोग के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है.

क्या है किराए का गणित...

> सरकार ने 7 बैंड बनाए हैं. इसमें 40 मिनट से कम समय में यात्रा वाली उड़ानें पहले बैंड में आएंगी.

> इस अवधि की उड़ानों के लिये न्यूनतम किराया 2,000 रुपये और अधिकतम किराया 6,000 रुपये होगा.

> 40 से 60 मिनट की उड़ानों के लिये किराये की सीमा 2,500 रुपये से लेकर 7,500 रुपये तक होगी.

> 60 से 90 मिनट की उड़ानों के लिये किराये की सीमा 3,000 रुपये से लेकर 9,000 रुपये तक होगी.

> 90 से 120 मिनट की उड़ानों के लिये किराये की सीमा 3,500 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक होगी.

> 120 से 150 मिनट की उड़ानों के लिये किराये की सीमा 4,500 रुपये से लेकर 13,000 रुपये तक होगी.

> 150 से 180 मिनट की उड़ानों के लिये किराये की सीमा 5,500 रुपये से लेकर 15,700 रुपये तक होगी.

> 180-280 मिनट की उड़ानों के लिये किराये की सीमा 6,500 रुपये से लेकर 18,600 रुपये तक होगी.

हालांकि, सरकार के इस आदेश के बाद कि 25 मई से घरेलू हवाई यात्रा शुरू की जाएगी, लोगों ने भारी मात्रा में टिकटें बुक करवाईं. इस दौरान 1,050 उड़ानों के लिए बुकिंग की गई, लेकिन संशोधित कार्यक्रम आने के बाद कई उड़ानें रद्द हो गई हैं, जिससे सैकड़ों यात्रियों को निराशा हाथ लगी है. विमानन कंपनियों को पहले अपनी क्षमता का एक-तिहाई परिचालन करने की अनुमति थी.

ADVERTISEMENT