''मौजूदा समय की जरूरत है डिजिटल लेनदेन''

मोहित शर्मा
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- कोरोना संक्रमण से बचने के लिए होना होगा जागरूक

कोलकाता : आज कोविड 19 से विश्व त्रस्त है। अभी तक इस बीमारी का कोई इलाज नहीं होने की वजह से सामाजिक दूरी बनाकर बचाव किया जा रहा है। वायरस का संक्रमण रोकने के लिए बाहरी व्यक्ति या वस्तु के स्पर्श से दूर रहने की भी सलाह दी गई है। लोग इसका पालन भी कर रहे हैैं। ऐसे में नकदी नोट या सिक्के को लेकर भी कुछ लोगों में  दहशत है। उनका मानना है कि नोट या सिक्के काफी लोगों के हाथों से गुजरते हैं। इसलिए इससे संक्रमण फैलने की आशंका रहती है। 

ऐसी स्थिति में डिजिटल लेनदेन सुरक्षा की दृष्टि से ठीक है। कोरोना जैसी महामारी से बचाव के लिए डिजिटल लेनदेन आवश्यक है। सरकार पहले से ही इस पर जोर दे रही है। सभी लोगों को चाहिए कि वे लेनदेन डिजिटल करें। लॉयर मोहित शर्मा का मानना है कि आज डिजिटल ट्रांजैक्शन समय की जरूरत है। संक्रमण से बचने में यह तरीका भी सहयोगी है। हालांकि इसमें जागरूकता का अभाव है। हम सभी को इस अभाव को दूर करना होगा। आज के दौर में भी कुछ दुकनादर डिजिटल ट्रांजैक्शन से बचते हुए नकद लेनदेन करते हैं। यह किराना दुकान वाले ज्यादा करते हैं। उपभोक्ता चाहते भी हैं तो दुकानदार डिजिटल या ऑन लाइन पेमेंट नहीं स्वीकार करते हैं। उनका तर्क होता है कि वे जिनसे सामान लेते हैं या कारोबार करते हैं वे नकद में लेनदेन करते हैं। इसलिए वे भी नकदी लेनदेन करने के लिए बाध्य हैं।

मोहित शर्मा का कहना है कि नकदी निकालने के लिए बैंकों या एटीएम के सामने घंटों लाइन में खड़ा होना होगा, जिससे लोग एक- दूसरे से स्पर्श होंगे। इससे कोविड 19 का संक्रमण बढ़ सकता है। इसलिए ऐसे जोखिम से बचने के लिए हर लेनदेन को डिजिटल करना होगा। इसमें आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए जागरुकता जरूरी है। ऐसे लोगों को डिजिटल ट्रांजैक्शन के महत्व व लाभ के बारे में समझना होगा। इसके साथ ही कुछ ऐसे लोग (बुजुर्ग) हैं जिन्हें डिजिटल ट्रांजैक्शन के बारे में जानकारी नहीं है, उन्हें उस बारे में बताने की आवश्यकता है। इसके लिए घर के युवाओं को आगे आना होगा। उन्हें अपने पिता या बड़े, बुजुर्गों को डिजिटल लेनदेन करने के तरीके बताने होंगे। इसलिए डिजिटल लेनदेन के लिए सभी को जागरूक होना चाहिए।

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