कोरोना: पीएम मोदी के संबोधन का इंतजार, इन राज्यों ने पहले ही बढ़ा दिया लॉकडाउन


कोरोना वायरस की बीमारी देश में महामारी का रूप ले चुकी है. कोरोना से पीड़ित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. शासन और प्रशासन के स्तर पर लगातार बैठकों का दौर चल रहा है. केंद्र से लेकर राज्यों तक, सरकारें एक्टिव मोड में हैं. देश में 21 दिन के लिए लॉकडाउन लागू है, जिसकी अवधि 14 अप्रैल को समाप्त हो रही है.

केंद्र सरकार अभी मंथन की मुद्रा में है कि लॉकडाउन को 14 अप्रैल से आगे बढ़ाया जाए या नहीं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ 11 अप्रैल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर ताजा हालात पर चर्चा की, जिसमें लॉकडाउन को लेकर भी बात हुई. उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और ओडिशा समेत 10 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने लॉकडाउन बढ़ाने की जोरदार पैरवी की. हालांकि, केंद्र ने इसे लेकर अभी कोई औपचारिक ऐलान नहीं किया है, लेकिन राज्यों में लॉकडाउन बढ़ाने की होड़ लग गई.

ओडिशा ने 30 अप्रैल तक लॉकडाउन बढ़ाने का ऐलान कर दिया. इसके बाद पंजाब, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल की सरकार ने भी लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने की घोषणा कर दी. पश्चिम बंगाल सरकार ने सभी शैक्षणिक संस्थान 10 जून तक बंद करने के आदेश भी दे दिए हैं. केंद्र में सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी के शासन वाले राज्य उत्तराखंड ने भी लॉकडाउन बढ़ाने का ऐलान कर दिया है.

वहीं, पीएम मोदी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी प्रदेश की जनता को संबोधित करते हुए थोड़ी ढील के साथ लॉकडाउन बढ़ाने के संकेत दिए हैं. हालांकि, खट्टर ने प्रदेश रेड, ऑरेंज और येलो, तीन जोन में बांटकर औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियां शुरू करने की भी बात कही है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को पूरे देश में लॉकडाउन बढ़ाने का सुझाव दिया है.

गौरतलब कि पीएम मोदी ने 24 मार्च को देश में लॉकडाउन लागू करने का ऐलान किया था. लेकिन पीएम के इस ऐलान से पहले ही राजस्थान की सरकार ने प्रदेश में लॉकडाउन की घोषणा कर दी थी. बता दें कि देश में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की तादाद 7500 के पार पहुंच चुकी है. इस बीमारी से 240 से अधिक लोग अब तक अपनी जान गंवा चुके हैं.