दंगे अगर राज्य प्रायोजित थे तो हमने ट्रंप के आने के दिन का मुहूर्त क्यों चुना: अमित शाह


दिल्ली हिंसा को लेकर विपक्ष सवाल उठाता रहा है कि केंद्र की बीजेपी सरकार ने जानबूझकर इसे होने दिया. वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने इस सवाल के जवाब में कहा कि जब ट्रंप आए तब ताकत दिखाने की नियत से यह सब हुआ. क्योंकि जो भी हालात खराब हुए वो उसी समयावधि के दौरान हुए. कुछ सदस्यों ने तो इसे राज्य प्रायोजित दंगा तक करार दे दिया.

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, 'आप इतना कॉमनसेंस इस्तेमाल करो कि जब अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप भारत दौरे पर आए हों. मेजबान देश के प्रधानमंत्री हों, तब मेरी सरकार राज्य प्रायोजित दंगा कराएगी? जरा कॉमनसेंस तो लगाओ? क्या आरोप लगा रहे हो. दंगे कराना हमारी फितरत नहीं है. हमारा काम दंगे कराने वालों को ढूंढ़ कर सलाखों के पीछे डालना है.'

इससे पहले अमित शाह ने गुरुवार को आश्वासन दिया कि दिल्ली में पिछले दिनों हुई हिंसा में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शा जाएगा. शाह ने संसद में सरकार द्वारा दिल्ली हिंसा को लेकर चर्चा से भागने के विपक्ष के आरोप से इनकार करते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस अपना काम ठीक से कर सके, दंगा पीड़ितों का अबाध रूप से पुनर्वास हो सके, घायलों का उपचार किया जा सके और दंगाइयों को पकड़ा जा सके, इसलिए सरकार ने होली के बाद चर्चा करवाने का प्रस्ताव दिया था.

उन्होंने कहा कि दंगों के बाद 700 से अधिक प्राथमिकी दर्ज की गयी हैं. उन्होंने कहा कि जिसने भी प्राथमिकी के लिए कहा, उसकी शिकायत दर्ज की गयी. पुलिस ने किसी को भी प्राथमिकी दर्ज करने से मना नहीं किया. उन्होंने कहा कि दंगा प्रभावित इलाकों से संबद्ध 12 थानों के लिए विशेष अभियोजक नियुक्त किये गये हैं और उनकी सलाह पर काम किया जा रहा है.

शाह ने कहा कि अभी तक 2647 लोगों को गिरफ्तार किया गया है या हिरासत में लिया गया है. उन्होंने कहा कि सरकार ने विज्ञापन देकर जनता से इन घटनाओं से जुड़े वीडियो और फुटेज मांगे थे. उन्होंने कहा कि जनता ने बहुत सारे वीडियो एवं फुटेज दिए हैं.

दिल्ली दंगों में आरोपियों की पहचान के लिए आधार कार्ड के प्रयोग के विपक्ष के आरोपों को नकारते हुए उन्होंने कहा कि वीडियो में लोगों की पहचान के लिए आधार कार्ड का उपयोग नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि पुलिस को यह अधिकार मिलना चाहिए कि जिसने दंगा किया, उसके बारे में वैज्ञानिक साक्ष्य अदालत में पेश किया जा सकें.

उन्होंने कहा कि अब तक मिले साक्ष्यों के आधार पर गुरुवार दोपहर 12 बजे तक 1922 संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर ली गयी है.