नहीं रहे समाजसेवी वासुदेव टिकमानी, युवाशक्ति की ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि!


हावड़ा : अग्रसेन सेवा समिति,  अग्रसेन बालिका शिक्षा सदन, अग्रसेन बॉयज स्कूल (लिलुआ), बजरंगबली मार्केटएसोसिएशन और न जाने कितने संस्थाओं के संस्थापक व हावड़ा के जाने माने समाजसेवी  वासुदेव टिकमानी का गुरुवार को आकस्मिक निधन हो गया.  वे 74 वर्ष  के थे. उन्होंने गुरुवार को अपने निवास स्थान पर तड़के 4 बजे अंतिम सांसें ली. वे अपने पीछे पत्नी श्रीमती कुसुम देवी टिकमानी, पुत्र-पुत्रवधु  नवीन- रितिका टिकमानी, पुत्री सुमन सहित भरापूरा परिवार छोड़ गए हैं. 

गुरुवार को ही दोपहर 12 बजे पुत्र नवीन टिकमानी ने पिता को मुखाग्नि दी. सरकारी निर्देशानुसार उनके शव यात्रा में 20 अधिक लोग शामिल नहीं हुए थे. समाजसेवी वासुदेव टिकमानी के आकस्मिक निधन पर शिक्षा जगत और समाजसेवियों में शोक की लहर है. 

टिकमानी बाबू का पूरा जीवन किसी के लिए भी प्रेरणा के समान ही है. 1940 में वे पिता गोविन्द राम टिकमानी और दो भाइयों  के साथ चूरू (राजस्थान) से कोलकाता आये थे. कड़े संघर्ष और जिजीविषा से उन्होंने न केवल खुद को स्थापित किया बल्कि दूसरों के लिए हमेशा तत्पर रहते थे. सामाजिक कार्यों में उनकी दिलचस्पी रही लिहाजा उन्होंने कई ऐसे काम किए जिससे समाज उनको दीर्घकाल तक याद रखेगा.

ऐसे महापुरुष का जाना एक बड़ी सामाजिक क्षति है. हमें उनकी प्रेरणा से उनके कार्यों और आदर्शों को बनाए रखने में अपनी भूमिका का निर्वाह करने की कोशिश करनी चाहिए. युवाशक्ति की ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि!