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बुमराह ने खोला राज, वेस्टइंडीज में कैसे घातक हो गईं उनकी गेंदें


भारत के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने कहा कि इंग्लैंड में ड्यूक गेंद से गेंदबाजी करने के अनुभव का उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज में फायदा मिला है. बुमराह इन दिनों जोरदार फॉर्म में हैं. एंटीगा में खेले गए पहले टेस्ट के दौरान उन्होंने 7 रन देकर 5 विकेट चटकाए थे.

इसके बाद बुमराह ने किंग्सटन में जारी दूसरे टेस्ट में हैट्रिक जमाई. वह टेस्ट हैट्रिक जमाने वाले महज तीसरे भारतीय गेंदबाज हैं. बुमराह ने 12.1 ओवरों में 6/27 के शानदार आंकड़े के साथ वेस्टइंडीज को पहली पारी में 117 रनों पर समेटने में मदद की.

बुमराह ने रविवार को तीसरे दिन के खेल के बाद संवाददाताओं से कहा, 'मैंने इंग्लैंड में काफी क्रिकेट खेला है. हमने काफी टेस्ट मैच खेले और ड्यूक गेंद से गेंदबाजी की. इससे काफी मूवमेंट मिलती है. इससे आपको आउटस्विंग और इनस्विंग डालने का आत्मविश्वास मिलता है. मुझे इस अनुभव का फायदा मिला.'

भारत ने वेस्टइंडीज के सामने 468 रनों का विशाल लक्ष्य रखा है और उसने सीरीज में कैरेबियाई टीम का 2-0 से सफाया करने की ओर कदम बढ़ा दिए हैं. जवाब में तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक मेजबान टीम ने 45 रनों के स्कोर पर 2 विकेट गंवा दिए हैं

भारत की रणनीति के बारे में पूछे जाने पर बुमराह ने कहा कि पहली पारी में दबाव बनाना हमारा लक्ष्य था. उन्होंने कहा, 'आपको विकेट और हालात का आकलन करके उसके अनुरूप गेंदबाजी करनी होती है. यहां विकेट में अधिक उछाल थी और ऐसे में शॉर्ट गेंदें डालने के लालच से बचना जरूरी था. हमने सही जगह पर गेंदें डालकर दबाव बनाया.’

25 साल के तेज गेंदबाज ने कहा कि वह हमेशा टीम के लिए योगदान देने की ओर ध्यान केंद्रित करते हैं. बुमराह ने कहा, 'मैं हमेशा टीम के लक्ष्यों की ओर देखता हूं, अगर हम मैच जीतते हैं और मेरे पास कोई विकेट नहीं है, तो यह ठीक है. मेरा उद्देश्य टीम की सफलता में योगदान देना है, विकेट लेना या दबाव बनाना है.'