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बिहार में बाढ़ का प्रहार, पटना जंक्शन भी 'डूबा', 24 घंटे और बरसेगा पानी


बिहार में रविवार को तीसरे दिन भी भारी बारिश जारी रही, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. पटना जंक्शन के आसपास जल जमाव के कारण यात्रियों को पटना जंक्शन पहु्ंचने में असुविधा हो रही है. इसी के मद्देनजर यात्रियों की सुविधा के लिए निर्णय लिया गया है कि वे सभी ट्रेनें जिनका पटना जंक्शन पर ठहराव है, उन सभी ट्रेनों का दानापुर जंक्शन पर भी तत्काल प्रभाव से ठहराव दिया जा रहा है.

यह आदेश दिनांक 30 सितंबर 2019 दोपहर 12:00 बजे तक इस मार्ग से गुजरने वाली सभी रेल गाड़ियों पर लागू रहेगा. राजधानी और सम्पूर्ण क्रांति जैसी ट्रैनों का ठहराव भी दानापुर में होगा.

पटना एयरपोर्ट से जानकारी दी गई कि लगातार बारिश के कारण गोएयर की मुंबई से पटना जाने वाली G8-585 फ्लाइट को लखनऊ डायवर्ट किया गया है और स्पाइसजेट दिल्ली से पटना जाने वाली SG-8480 फ्लाइट को वाराणसी के लिए डायवर्ट किया गया है. बाकी उड़ानें अनुसूची के अनुसार चल रही हैं.

उपमुख्यमंत्री के घर में घुसा पानी

बिहार में रविवार को तीसरे दिन भी भारी बारिश जारी रही, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और दो पूर्व मुख्यमंत्रियों सतेंद्र नारायण सिंह एवं जीतन राम मांझी के घरों में भी पानी घुस गया है.

अधिकारियों ने कहा कि बाढ़ व बारिश की वजह से 24 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. बाढ़ और बारिश की वजह से उत्तर बिहार के कई जिलों में राष्ट्रीय राजमार्गो के क्षतिग्रस्त होने की रिपोर्ट है. राज्य में कई जगह बाढ़ का पानी घरों, दुकानों और अस्पतालों में घुस गया है. बारिश की वजह से ट्रेनों की आवाजाही, सड़क परिवहन और विमान के संचालन पर असर पड़ा है. लंबी दूरी की 12 ट्रेनों और कई यात्री ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है.

रिपोर्ट के अनुसार, पानी बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के राजेंद्र नगर स्थित आवास में भी घुस गया है. इसके अलावा पानी पटना में बोरिंग रोड स्थित पूर्व मुख्यमंत्री सतेंद्र नारायण सिंह, भाजपा के सांसद राजीव प्रताप रूड़ी और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के आवास में भी घुस गया है.

अगले 24 घंटों में भारी बारिश की संभावना

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में बारिश की संभावना व्यक्त की और राज्य सरकार ने इसको लेकर 'रेड अलर्ट' जारी किया है. आपदा प्रबंधन विभाग ने यहां कहा, 'भारी से अत्यधिक भारी बारिश ने पूरे राज्य में अब तक 24 लोगों की जान ले ली है.'

गंगा, कोसी, गंडक, बागमती, महानंदा जैसी बड़ी नदियों में जलस्तर बढ़ रहा है, जिससे कई जगहों पर बांध टूटने का खतरा पैदा हो गया है. जल संसाधन विभाग ने संबंधित अधिकारियों को अलर्ट कर दिया है और जिला अधिकारियों से किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के लिए कहा गया है.

केंद्र ने पहले से ही खतरनाक जगहों पर बचाव व राहत अभियानों के लिए राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल और राज्य आपदा अनुक्रिया बल को तैनात कर दिया है. मौसम विभाग के अधिकारियों के अनुसार, राजधानी पटना में शनिवार से 151 मिलीमीटर की बारिश हुई है, जोकि हाल के वर्षो में एक रिकॉर्ड है.

पटना में बाढ़ जैसी स्थिति

पटना में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है और यहां हर जगह पानी दिखाई दे रहा है. लोगों को अपने घरों में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है, क्योंकि अधिकतर संकरी गलियां पानी से भरी हुई हैं. लोगों की मदद के लिए कई जगहों पर नौकाओं की तैनाती की गई है.

राजेंद्र नगर कॉलोनी में रहने वाले कॉलेज के छात्र संकेत झा ने कहा, 'मैंने पहली बार पानी से भरे पटना में नावों को चलते देखा है.'