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अर्थव्यवस्था पर प्रियंका गांधी का मोदी सरकार से सवाल- भयंकर मंदी का जिम्मेदार कौन?


कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने अर्थव्यवस्था में सुस्ती और विभिन्न सेक्टर में रोजगार संकट को लेकर मोदी सरकार की चुप्पी पर निशाना साधा है. प्रियंका गांधी ने सोमवार को ट्वीट कर कहा कि अर्थव्यवस्था की मंदी पर सरकार की चुप्पी खतरनाक है.

सोमवार को प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया, 'सरकार की घोर चुप्पी खतरनाक है. कंपनियों का काम चौपट है. लोगों को काम से निकाला जा रहा है, भाजपा सरकार मौन है. आखिर देश में इस भयंकर मंदी का जिम्मेदार कौन है?'  

प्रियंका गांधी ने इसके साथ मंदी के कारण कई उद्योगों में की गई छंटनी और कंपनियों में काम बंद होने से संबंधित कुछ खबरों को भी शेयर किया है.

गौरतलब है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के साल 2018 में सुस्त रहने की वजह से भारत को बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ा है. भारत के सिर से दुनिया की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था का ताज छिन गया है. अर्थव्यस्था की दृष्टि से भारत सातवें पायदान पर पहुंच गया है.

पीएम ने की है समीक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले गुरुवार को ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वरिष्ठ नौकरशाहों के साथ अर्थव्यवस्था की हालत और उसे सुधारने के लिए उठाने वाले कदमों की समीक्षा की है. सूत्रों ने बताया कि प्रोत्साहन पैकेज को अंतिम रूप दे दिया गया है, जिसमें नई नीति फ्रेमवर्क और कर कटौती भी शामिल है. इनकी घोषणा करीब दो हफ्तों में कर दी जाएगी.

चिंताजनक हालात

देश के विभिन्न क्षेत्रों में मंदी व्याप्त है और विकास दर घट गई है, जिसमें जीएसटी दरें, प्राकृतिक आपदाएं, मजदूरी दर स्थिर रहना और कम नौकरियों के सृजन जैसे अनेक कारकों का योगदान है. अर्थव्यवस्था में सुस्ती के संकेत को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने इस वित्त वर्ष यानी 2019-20 के लिए देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में बढ़त के अनुमान को घटाकर 6.9 फीसदी कर दिया है. इसके पहले रिजर्व बैंक ने 2019-20 में अर्थव्यवस्था में 7 फीसदी की बढ़त होने का अनुमान जारी किया था.

वाहनों की घटती बिक्री चिंताजनक

खासकर वाहनों की बिक्री में लगातार गिरावट चिंता पैदा करने वाली है. रिजर्व बैंक ने कहा कि जून में लगातार आठवें महीने वाहनों की बिक्री में गिरावट आई है. शहरों में कारों की बिक्री लगातार घट रही है. यहां तक कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर निर्भर ट्रैक्टर और मोटरसाइकिल की बिक्री में भी गिरावट आई है.

उद्योग जगत ने मांगा है पैकेज

आर्थ‍िक सुस्ती से परेशान देश के कारोबार और उद्योग जगत ने सरकार से 1 लाख करोड़ रुपए का राहत पैकेज देने की मांग की है. उद्योग जगत के दिग्गजों ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मिलकर यह मांग करते हुए कहा कि निवेश चक्र को आगे बढ़ाने और अर्थव्यस्था को उबारने के लिए यह जरूरी है. वित्त मंत्री ने उन्हें यह भरोसा भी दिया है कि आर्थ‍िक तरक्की को गति देने के लिए जल्दी ही कदम उठाए जाएंगे.