पश्चिम बर्दवान: पश्चिम बंगाल सरकार की शहरी विकास मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार और सभी प्रकार की अवैध गतिविधियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाएगी। उन्होंने कहा कि महिला उत्पीड़न के साथ-साथ आम नागरिकों पर अत्याचार, राजनीतिक कारणों से लोगों को प्रताड़ित करना, जमीन और मकान पर अवैध कब्जा करना तथा विरोध करने वालों को कथित रूप से झूठे मामलों में फंसाने जैसी गतिविधियों को भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
रविवार को आसनसोल में नेताजी सुभाष चंद्र बोस सेवा केंद्र के उद्घाटन समारोह के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए अग्निमित्रा पाल ने कहा कि अत्याचार केवल महिलाओं के खिलाफ ही नहीं हुआ, बल्कि आम लोगों को भी विभिन्न कारणों से प्रताड़ित किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई लोगों को केवल किसी राजनीतिक दल से जुड़े होने या अपने अधिकारों की मांग करने के कारण परेशान किया गया। उन्होंने कहा कि यदि किसी की जमीन या मकान पर कब्जा किया गया और उसने इसका विरोध किया, तो उसे कथित तौर पर मामलों के जरिए दबाने का प्रयास किया गया।
मंत्री ने कहा कि सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति हर उस गतिविधि पर लागू होगी जो गैरकानूनी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान कई अवैध कामों को व्यवस्था का हिस्सा बनाकर वैध स्वरूप देने का प्रयास किया गया।
बारानगर में अवैध इमारतों के मुद्दे का उल्लेख करते हुए अग्निमित्रा पाल ने कहा कि हाल के दिनों में कई अवैध इमारतों को गिराए जाने के बाद निर्माण व्यवस्था और कथित भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल उठे हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ क्षेत्रों में भवन निर्माण के लिए कम मंजिलों का नक्शा स्वीकृत कराया जाता था, जबकि बाद में कथित तौर पर अधिक मंजिलों का निर्माण कर दिया जाता था।
उन्होंने कहा कि यदि किसी भवन के लिए चार मंजिल का नक्शा और उसी के अनुरूप नींव स्वीकृत है, लेकिन बाद में आठ मंजिल तक निर्माण किया जाता है, तो यह गंभीर मामला है। मंत्री ने आरोप लगाया कि ऐसी अनियमितताओं के पीछे एक संगठित व्यवस्था काम करती रही है और निर्माणकर्ताओं से कथित तौर पर अतिरिक्त राशि वसूली जाती रही।
अग्निमित्रा पाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वर्तमान सरकार भ्रष्टाचार और अवैध निर्माण जैसी गतिविधियों को किसी भी परिस्थिति में अनुमति नहीं देगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य कानून का पालन सुनिश्चित करना और आम लोगों को भय तथा अत्याचार से मुक्त वातावरण देना है।

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