युवाशक्ति न्यूज | देवघर: राजकीय श्रावणी मेला, 2026 की पहली सोमवारी के अवसर पर बाबा नगरी देवघर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब देखने को मिल रहा है। इस भारी भीड़ के बीच श्रद्धालुओं की सुगमता, सुरक्षा और सहायता के लिए मेला क्षेत्र में स्थापित किए गए सभी 34 सूचना सह सहायता केंद्र और 10 मातृत्व विश्राम केंद्र पूरी तरह सक्रिय रहे।
इन केंद्रों पर तैनात कर्मियों ने 'सेवा ही संकल्प' की भावना को चरितार्थ करते हुए देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं को हर संभव सहयोग प्रदान किया जा रहा है।इसके अलावा संपूर्ण मेला क्षेत्र में सक्रियता से काम कर रहे 34 सूचना सह सहायता केंद्रों के माध्यम से पहली सोमवारी को हजारों कांवरियों को मार्ग निर्देशन, मानवीय सेवा, खोए-पाए सामानों की जानकारी और बाबा मंदिर में सुलभ जलार्पण से जुड़ी आवश्यक जानकारियां प्रदान की गईं।
आधुनिक तकनीक और बेहतर संचार व्यवस्था से लैस इन केंद्रों के कर्मियों ने अपनों से बिछड़े श्रद्धालुओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराई, जिससे मेला क्षेत्र में आए कांवरियों को राहत मिली। इसके अतिरिक्त मेला क्षेत्र में महिला कांवरियों, धात्री माताओं और शिशुओं की विशेष देखभाल के लिए 10 मातृत्व विश्राम स्थलों का संचालन किया जा रहा है।पहली सोमवारी के अत्यधिक दबाव के बीच इन मातृत्व विश्राम केंद्रों की महिला कर्मियों ने अत्यंत संवेदनशीलता और सेवा भाव के साथ महिला श्रद्धालुओं को विश्राम, नवजातों को दुग्धपान और आवश्यक प्राथमिक राहत संबंधी सुविधाएं सुनिश्चित की गई है
श्रद्धालुओं ने जताया आभार, जिला प्रशासन की पहल को सराहा
मेला क्षेत्र में मिल रही सुविधाओं को लेकर महिला श्रद्धालुओं ने सरकार और जिला प्रशासन के कार्यों की प्रशंसा की है। बिहार से आईं अंजू बम और धनबाद की बिन्नी बम ने मातृत्व विश्राम गृह की व्यवस्था के लिए सरकार व जिला प्रशासन का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लंबी और थकाऊ यात्रा के बाद महिला कांवरियों के लिए यह सुविधा किसी वरदान से कम नहीं है।
इसके साथ ही, अपने छोटे बच्चों के साथ यात्रा कर रहीं अंजू बम एवं संजू बम ने विश्राम गृह में बच्चों के लिए तत्काल दूध की उपलब्धता सुनिश्चित कराने पर जिला प्रशासन के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासन ने मां और बच्चे दोनों की जरूरतों का पूरा ख्याल रखा।


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