पश्चिम मेदिनीपुर: अभिषेक बनर्जी ने शनिवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उनकी मतदान का अधिकार चार जून तक बहाल कर दिया जाएगा।
तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव बनर्जी ने यह घोषणा मुर्शिदाबाद जिले के लालबाग में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए की। उन्होंने कहा कि पार्टी के घोषणा पत्र में किए गए वादे के अनुसार जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से बाहर हो गए हैं, उन्हें हर तरह की सहायता दी जाएगी।
सभा में बनर्जी ने कहा कि जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। चुनाव परिणाम चार मई को घोषित होंगे और हमारी सरकार बनेगी। इसके एक महीने के भीतर, यानी चार जून तक आपकी मतदान का अधिकार वापस दिलाया जाएगा। कोई भी आपका अधिकार नहीं छीन सकता।
उन्होंने चुनाव आयोग पर भी तंज कसते हुए कहा कि चुनाव समाप्त होने के बाद यहां किसी तरह का नियंत्रण नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि चुनाव खत्म होते ही यहां ज्ञानेश कुमार का कोई नियंत्रण नहीं रहेगा। लगभग 16 दिनों बाद आपकी सभी चिंताएं समाप्त हो जाएंगी और राज्य में फिर से तृणमूल कांग्रेस की सरकार बनेगी।
इस दौरान बनर्जी ने कांग्रेस और वाम दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बहरमपुर लोकसभा सीट पर वाम दलों ने उम्मीदवार नहीं उतारा है। ऐसे में क्या वाम समर्थक कांग्रेस उम्मीदवार अधीर रंजन चौधरी को वोट देंगे? उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को वोट देना दरअसल भाजपा को फायदा पहुंचाने जैसा है, क्योंकि दोनों दलों के बीच समझौता है।
भाजपा पर हमला बोलते हुए बनर्जी ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में जो नेता दिखाई नहीं दिए, वे चुनाव आते ही लोगों के घरों में जाकर प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोई किसी की दाढ़ी काट रहा है, कोई घर में लुची तल रहा है, कोई बाल काट रहा है। मुझे उन पर हंसी आती है। चुनाव परिणाम आने के बाद वे फिर दिखाई नहीं देंगे।
केंद्रीय जांच एजेंसियों पर भी निशाना साधते हुए बनर्जी ने आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय ने उनके परिवार के किसी भी सदस्य को नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि एजेंसी ने उनकी मां, पिता, बच्चों, निजी सहायक और वकील तक को तलब किया है। बनर्जी ने कहा कि उन्हें 15 बार बुलाया गया और वे हर बार गए, लेकिन वे दबाव में झुकने वाले नहीं हैं।

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