कोलकाता: आरजीकर चिकित्सालय दुष्कर्म और हत्या प्रकरण की पीड़िता की मां तथा पानीहाटी विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रत्याशी रत्ना देबनाथ ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनके साहसिक संघर्ष की सराहना की है। रत्ना देबनाथ ने बताया कि पानीहाटी में आयोजित जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे कहा कि वह बहुत साहस के साथ लड़ाई लड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग और उसकी पहचान सार्वजनिक करने की इच्छा जताई, तब प्रधानमंत्री ने उनके सिर पर हाथ रखकर उनका हौसला बढ़ाया।
उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान वह लोगों से न्याय की अपील कर रही हैं और जनता भी चाहती है कि उनकी बेटी को इंसाफ मिले। उन्होंने कहा कि कोई भी यह स्वीकार नहीं कर सकता कि एक चिकित्सक की अस्पताल के भीतर इतनी निर्ममता से हत्या कर दी जाए। रत्ना देबनाथ ने कहा कि उनकी बेटी दुष्ट व्यवस्था की शिकार हुई। वह जानना चाहती हैं कि ऐसी बुराई की जड़ें कितनी गहरी हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहती हैं कि अगली पीढ़ी इस प्रकार की किसी भी व्यवस्था का शिकार न बने।
उन्होंने भावुक होकर कहा कि जिस पीड़ा से उनका परिवार गुजरा, वैसी स्थिति किसी अन्य माता-पिता को न झेलनी पड़े। वह केवल अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए जीवित हैं। महिला सुरक्षा को चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा बताते हुए उन्होंने कहा कि उनकी बेटी के अनेक सपने थे, लेकिन एक फोन कॉल ने पूरा जीवन बदल दिया। अब उन्होंने संकल्प लिया है कि किसी दूसरी बेटी को ऐसी घटना का शिकार नहीं होने देंगी।
रत्ना देबनाथ ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी घटना के चार दिन बाद उनके घर आई थीं और कहा था कि असली दोषी पकड़ा जा चुका है। लेकिन उन्होंने उसी समय कहा था कि गिरफ्तार व्यक्ति वास्तविक दोषी नहीं हो सकता, क्योंकि वह अस्पताल के बाहर था, जबकि उनकी बेटी अंदर थी। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा अपराध किसी एक व्यक्ति का काम नहीं हो सकता।
उनके अनुसार मुख्यमंत्री ने भी माना था कि अस्पताल के भीतर से कौन लोग शामिल थे, इसकी जांच होनी चाहिए, लेकिन उसके बाद कोई प्रगति नहीं हुई। इसी बीच प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी चुनावी सभा में कहा कि आर. जी. कर प्रकरण की बड़ी साजिश से जुड़े हर व्यक्ति की पहचान की जाएगी और पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने पर सभी को जवाबदेह ठहराया जाएगा।

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