ममता बनर्जी के प्रचार पर रोक लगाने की मांग, भाजपा ने चुनाव आयोग से की शिकायत


कोलकाता: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ चुनाव आयोग से शिकायत करते हुए उनके चुनाव प्रचार पर एक निश्चित अवधि के लिए रोक लगाने की मांग की है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री के कुछ बयानों से केंद्रीय सुरक्षा बलों के खिलाफ हिंसा भड़काने की आशंका पैदा हुई है।

भाजपा ने बुधवार देर शाम को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भेजे पत्र में आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने चुनाव के दौरान राज्य में तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के खिलाफ भड़काऊ बयान दिए हैं, जो स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं।

शिकायत में कहा गया है कि सात अप्रैल को एक जनसभा में ममता बनर्जी ने कथित तौर पर कहा था कि "सीआरपीएफ की 200 गाड़ियां लोगों पर हमला करने आ रही हैं।" भाजपा के अनुसार, इस तरह का बयान जनता के बीच भय का माहौल बनाने और सुरक्षा बलों के प्रति अविश्वास पैदा करने वाला है।

इसके अलावा भाजपा ने तीन अप्रैल को दक्षिण दिनाजपुर जिले के हरिरामपुर में हुई एक अन्य सभा का भी उल्लेख किया, जहां मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया था कि केंद्रीय बलों के वाहनों के माध्यम से धन लाया जा रहा है। भाजपा का कहना है कि इस तरह के आरोप केंद्रीय बलों की निष्पक्षता और संवैधानिक भूमिका पर सवाल खड़े करते हैं।

पार्टी ने अपने पत्र में कहा कि इस प्रकार के बयान कानून व्यवस्था की स्थिति को प्रभावित कर सकते हैं, मतदाताओं में डर पैदा कर सकते हैं और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को कमजोर कर सकते हैं।

भाजपा ने चुनाव आयोग से मांग की है कि ममता बनर्जी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करते हुए उनके चुनाव प्रचार पर कुछ समय के लिए प्रतिबंध लगाया जाए। साथ ही राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल को निर्देश देने की भी मांग की गई है कि मुख्यमंत्री के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 तथा जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई जाए।

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