संसद का बजट सत्र आज से, राष्ट्रपति के अभिभाषण से होगा आगाज


नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र की शुरुआत आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधन के साथ होगी। एक फरवरी को केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण केंद्रीय बजट प्रस्तुत करेंगी। राष्ट्रपति अपने संबोधन में सरकार की उपलब्धियों के साथ आने वाले समय की नीति और प्राथमिकताओं का खाका प्रस्तुत करेंगी।

राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद संसद में 29 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा। आर्थिक सर्वेक्षण को इस बार आम बजट से तीन दिन पहले लाया जा रहा है। बजट से पहले पारंपरिक हलवा सेरेमनी का आयोजन नॉर्थ ब्लॉक में किया गया। इसमें वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण शामिल हुईं। इस समारोह को बजट दस्तावेजों की गोपनीय प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।

बजट सत्र को दो हिस्सों में विभाजित किया गया है। पहला चरण आज से शुरू होकर 13 फरवरी तक चलेगा। इसके बाद सत्र स्थगित रहेगा और दूसरे चरण के नौ मार्च से शुरू होकर दो अप्रैल तक चलने की संभावना है। इस अंतराल में संसदीय समितियां बजट प्रस्तावों की गहन समीक्षा करेंगी।

इस बार केंद्रीय बजट एक फरवरी को पेश किया जाएगा। यह तारीख को रविवार है। संसद के इतिहास में यह एक दुर्लभ अवसर है। सरकार ने एक फरवरी को आधिकारिक तौर पर बजट डे घोषित किया है। निर्मला सीतारमण का यह लगातार नौवां बजट होगा। उनसे बड़े आर्थिक फैसलों की उम्मीद की जा रही है।

संसद का बजट सत्र प्रारंभ होने की पूर्व संध्या पर सरकार ने राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बैठक की। बैठक में 39 राजनीतिक पार्टियों के 51 नेता शामिल हुए। यह बैठक संसद भवन परिसर में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में संसद के आगामी बजट सत्र-2026 से संबंधित मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक का आयोजन केंद्रीय संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने किया। बैठक में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण तथा रसायन और उर्वरकमंत्री जगत प्रकाश नड्डा, केंद्रीय कानून और न्याय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और संसदीय कार्य राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल और केंद्रीय संसदीय कार्य और सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री डॉ. एल. मुरुगन भी शामिल हुए।

संसदीय कार्यमंत्री ने सभी को सूचित किया कि संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से प्रारंभ होगा और सरकारी कार्य की आवश्यकताओं के अधीन इस सत्र का समापन दो अप्रैल को हो सकता है। इस अवधि के दौरान दोनों सदनों को 13 फरवरी को अवकाश के लिए स्थगित किया जाएगा। नौ मार्च को पुनः सत्र शुरू होगा। इस सत्र में 65 दिन की अवधि के दौरान कुल 30 बैठकें (पहले भाग में 13 और दूसरे भाग में 17 बैठकें) आयोजित की जाएंगी।

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