प्रयागराजः विश्व प्रसिद्ध तीर्थराज प्रयाग में दुर्गा पूजा का एक समृद्ध और विविध इतिहास है। दरभंगा कॉलोनी दुर्गा पूजा कमेटी का पंडाल तैयार हो रहा है। पंडाल सजाने के लिए बंगाल के अम्बा शिल्पकार प्रयागराज में आ चुके है और वह पूजा पंडाल शुरू कर दिया है। यह जानकारी मंगलवार को दरभंगा दुर्गा पूजा कमेटी के सदस्य ने दी।
उन्होंने बताया कि यह कमेटी पहली बार 1958 में मां दुर्गा की पूजा करने का कार्य शुरू किया गया। जिसके बाद से अब तक चला आ रहा है। हालांकि बीच में दो वर्ष बंद हुई थी लेकिन इसे फिर से शुरू कर दिया गया है। वर्तमान में इस कमेटी के अध्यक्ष डी.वासु है। उनकी देखरेख में कमेटी के सदस्य इसका संचालन करते आ रहें है।
बमरौली के अलका विहार कॉलोनी के दुर्गा पूजा पंडाल समिति के अध्यक्ष अजय तिवारी ने बताया कि यह पूजा पंडाल 24 वर्ष पूर्व शुरू किया गया और उसके बाद से प्रत्येक वर्ष मां दुर्गा की आराधना के लिए निर्धारित समय के अनुसार बंगाल से श्री अम्बा शिल्पालय कम्पनी के कर्मचारी प्रयागराज राज में आ जाते है और शहर के कर्नलगंज इंटर कॉलेज में रूकते है और वहां से प्रयागराज शहर में दुर्गा पूजा पंडाल तैयार करते है। पंडाल कार्य शुरू करने से पूर्व खूंटी पूजा की परम्परा है। जिसके बाद से कर्मचारी पंडाल तैयार करने लगते है।
उन्होंने बताया कि प्रयागराज में दुर्गा पूजा का एक समृद्ध और विविध इतिहास है, जिसमें लूकरगंज बारवारी दुर्गा पूजा समिति का 1907 में एक सिख द्वारा निर्मित प्रतिमा के साथ पहला आयोजन सबसे पुराना और एक सदी से अधिक पुराना ऐतिहासिक आयोजन है। शहर के अन्य प्रमुख समितियों में अशोक नगर, मीरापुर, और जॉर्ज टाउन दुर्गा पूजा कमेटियाँ शामिल हैं, जो महिला सशक्तिकरण, काशी संस्कृति और भारतीय स्वतंत्रता के इतिहास जैसे विषयों पर केंद्रित होकर या महिला पुजारियों को नियुक्त करके अपनी अनूठी परंपराओं का पालन करती हैं।

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