जम्मू-कश्मीर एक बार फिर प्राकृतिक आपदा की चपेट में है। भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने राज्य के कई हिस्सों में तबाही मचा दी है। खासकर कटरा क्षेत्र, जो माता वैष्णो देवी मंदिर के कारण धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र है, वहां स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। बारिश के कारण पहाड़ों में कई जगहों पर जमीन खिसक गई है, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हुआ है।
कटरा से माता वैष्णो देवी मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते पर भूस्खलन की चपेट में आकर अब तक 33 लोगों की जान चली गई है और 23 लोग घायल हुए हैं। यह मार्ग तीर्थयात्रियों के लिए मुख्य रास्ता है, लेकिन अब मलबे से पूरी तरह ढक चुका है। एसएसपी रियासी, परमवीर सिंह के मुताबिक, बचाव दल मौके पर तैनात हैं और राहत कार्य तेजी से जारी है। हालांकि खराब मौसम और लगातार गिरते मलबे की वजह से ऑपरेशन में दिक्कतें आ रही हैं।
26 अगस्त की देर रात जम्मू के कई इलाकों में बादल फटने की सूचना मिली, जिसके बाद स्थानीय नदियां और नाले उफान पर आ गए। तेज बहाव के साथ चट्टानें, पेड़ और मिट्टी बहकर नीचे आ गई, जिससे कई मकान जमींदोज हो गए। कई गांवों में संपर्क पूरी तरह टूट गया है और बिजली-पानी की आपूर्ति भी बाधित हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि अर्धकुंवारी के पास हुए भूस्खलन के बाद बचाव अभियान जारी है, दोपहर करीब 3 बजे भूस्खलन हुआ था।

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