ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ़ टैक्स प्रैक्टिशनर्स के पूर्वी क्षेत्र की ओर से "राष्ट्रीय कर सम्मेलन" का आयोजन

ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ टैक्स प्रैक्टिशनर्स के पूर्वी क्षेत्र की ओर से कोलकाता में आयोजित दो दिवसीय न्यू टैक्स लॉ इंपैक्ट एंड प्रमोशन थीम पर एआईएफटीपी का राष्ट्रीय कर सम्मेलन का आयोजन किया गया है। इस भव्य आयोजन में देश भर के 400 से अधिक प्रख्यात टैक्स प्रैक्टिशनर्स, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, एडवोकेट ने भाग लिया । राष्ट्रीय सम्मेलन के जरिए प्रोफेशनल टैक्स प्रैक्टिशनर्स की दक्षता को बनाए रखने और उन्हें इस बारे में उनकी जानकारी को और विकसित करने के लिए जिससे कोर्ट में मुकदमेंबाज़ी और विभिन्न क्षेत्रों में उनके ज्ञान विशेषज्ञता और कौशल को बढ़ाने के लिए एक प्रयास किया गया है ।कार्यक्रम का उद्घाटन कर्नाटक उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुभरो कमल मुखर्जी ,पश्चिम बंगाल के वाणिज्य कर निदेशालय के आयुक्त खालिद अनवर ने संयुक्त रूप से किया ।मौके पर एआईएफटीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डीके गांधी ,सम्मेलन अध्यक्ष अचिंत्य भट्टाचार्य, सम्मेलन सचिव विवेक अग्रवाल उपस्थित रहे ।मौके पर जस्टिस मुखर्जी ने कहा कि टैक्स डेवलपमेंट के नींव पर आधारित होता है । कोई भी विकास बिना कर के संभव ही नहीं हो सकता। यही वजह है कि हमें अपनी कमाई का कुछ हिस्सा सरकार को देना पड़ता है। ये सदियों से चला आ रहा है ।पहले भी राजा महाराजा टैक्स लिया करते थे इससे घबराने की जरूरत बिल्कुल नहीं है ।सुविधा के अनुसार ध्यान में रखकर इसकी संरचना की गई है। समय-समय पर इसमें संशोधन और बदलाव होते रहते हैं। जीएसटी के आने से देश में टैक्स की दिशा में एक बड़ा बदलाव देखा गया है। इससे विकास की पटरी तेज रफ्तार से दौड़ रही है। वहीं खालिद अजीज ने कहा कि जीएसटी की जब शुरुआत हुई थी उसमें बहुत सारे भ्रम पैदा हो गए थे लेकिन अब धीरे-धीरे उस में भी बदलाव हुए हैं सरकार का पूरा फोकस करदाता को सहूलियत देना है ।सभी क्षेत्रों में विकास के लिए टैक्स बहुत जरूरत जरूरी है। मौके पर सोवीनियर का  भी अनावरण किया गया । एआईएफटीपी का  मुख्य उद्देश्य टैक्स लॉ के साथ अन्य कानूनों और अकाउंटेंसी से संबंधित मामलों में शिक्षा का प्रसार करना है ।विचारधारा से प्रेरित होकर उन सभी लोगों के लिए या एक साझा मंच है जो टैक्स प्रैक्टिशनर्स लगातार टैक्स लॉ से जुड़ी नई जानकारियां जुटाते रहते हैं ।चाहे उनकी व्यक्तिगत संबद्धता कुछ भी हो ।ऐसे प्रोफेशनल को नई जानकारियां देने के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों के क्षेत्र के प्रख्यात पेशेवरों की कल्पना की गई । फेडरेशन हमेशा से ही व्यापार उद्योग और पेशेवरों की शिकायतों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए अभ्यावेदन देता रहता है। यह नियमित रूप से बजट पूर्व और बाद के ज्ञापन भेजता है। इसके कई सुझाव और सिफारिशों को स्वीकार किया जाता है ।कार्यक्रम को सफल बनाने में डेप्युटी प्रेसिडेंट पंकज घिया, जमुना शुक्ला, सीए रमेश चोखानी ,गिरधर डेढ़िया ,अरविंद अग्रवाल, अधिवक्ता पारस कोचर, सीए मंजूलता शुक्ला, अधिवक्ता कमल कुमार जैन संलग्न रहें।