पटना में 550 घाटों पर आज शाम पहला अर्घ देंगे छठ व्रती, सुरक्षा के पुख़्ता इंतजाम


पटना में छठ पूजा के दूसरे दिन मंगलवार को खरना पूजन के साथ छठ व्रतियों ने 36 घंटे का निर्जला व्रत की शुरुआत की. दिनभर उपवास के बाद व्रतियों ने शाम में चावल और गुड़ की खीर और रोटी बनाकर प्रसाद तैयार किया. फिर सूर्य देव और छठ मां की पूजा करके गुड़ की खीर का भोग लगाने के बाद प्रसाद ग्रहण किया. राजधानी पटना समेत पूरे राज्य में छठ की धूम है. पटना जिले के 550 घाटों को सजाया गया है. वहीं, बुधवार की शाम अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा. इसके बाद छठ महापर्व के चौथे दिन गुरुवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ देकर आयु आरोग्य संपदा का आशीर्वाद लिया जाएगा.

छठ महापर्व के मौके पर घर से लेकर घाटों तक वर्ग की तैयारी है. घाटों पर व्रतियों व श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं से सुरक्षा तक के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. सड़कों से घाटों तक लाइटिंग और सजावट की गई है. जिले के कुल 550 घाटों पर छठ पर्व का आयोजन किया जाएगा. इसमें 417 गंगा या अन्य नदियों के घाट है. 110 तालाबों के किनारे छठ होगा, जबकि 23 नाहरिया लॉक के किनारे छठ होगा. पटना सदर अनुमंडल में एक कॉमन पटना सिटी अनुमंडल में 89 घाट, दानापुर में 71, बाढ़ में 231, मसौढ़ी 62 और पालीगंज में 46 घाटों पर छठ पूजा होगी.

लाइट व सजावट तो है ही, घाटों पर अस्थाई शौचालय और 265 और अस्थाई यूरिनल बनाए गए हैं. पेयजल के लिए 23 टैंकर भी रहेंगे. 131 वॉच टावर बनाए गए हैं. घाटों पर 226 कंट्रोल रूम 9 यात्री सेठ 319 चेंजिंग रूम की व्यवस्था है. घाटों पर लोगों की सुरक्षा के लिए 587 मजिस्ट्रेट 316 पुलिस पदाधिकारी और 1700 पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं. एनडीआरएफ की 8 टीमें, 4 वाटर एंबुलेंस, 62 मोटर बोर्ड के साथ एनडीआरएफ की 4 टीमें 8 बोर्ड के साथ तैनात रहेगी. सिविल डिफेंस के सेवक भी मुस्तैद रहेंगे. जिले में 406 गोताखोरों की तैनाती की गई है.