पटियाला हाउस कोर्ट ने CM ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक की पत्नी को भेजा समन

पटियाला हाउस कोर्ट ने शनिवार को तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी के भतीजे व टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी की पत्नी रुजिरा बनर्जी को समन भेजा है। मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट पंकज शर्मा ने उन्हें 30 सितंबर को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया। बता दें कि कोयला घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उन्हें दिल्ली बुलाया गया था लेकिन वो नहीं आईं।

इस पर ईडी ने कोर्ट में शिकायत की, जिसके बाद उन्हें यह समन जारी किया गया है। ईडी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि रुजिरा बार-बार समन जारी करने के बावजूद यहां एजेंसी के सामने पेश होने से इन्कार करती रही हैं। वहीं अभिषेक बनर्जी और उनकी पत्नी ने पहले से ही ईडी द्वारा जारी समन को रद करने की मांग करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर रखी है। अधिवक्ता रूपिन बहल और अंगद मेहता के जरिए दायर याचिका में कहा गया है कि बनर्जी और उनकी पत्नी दोनों का नाम न तो सीबीआइ की प्राथमिकी में हैं और न ही ईडी द्वारा प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) की धारा 45 के तहत नई दिल्ली में दर्ज शिकायत में। याचिका में कहा गया है कि एजेंसी तय अपराध में उत्पन्न होने वाले धन शोधन के आरोपों के संबंध में जांच शक्तियों को बढ़ा नहीं सकती क्योंकि इसकी जांच केवल कोलकाता में संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा की जा सकती है।

याचिका में ईडी द्वारा 10 सितंबर 2021 को पीएमएलए एक्ट, 2002 की धारा 50 के तहत जारी समन को रद करने और ईडी को उन्हें नई दिल्ली में बुलाने पर रोक लगाने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने कहा कि ईडी को कोलकाता, बंगाल में ही जांच करने का निर्देश देने की मांग की गई है। सीबीआइ ने कुछ व्यक्तियों द्वारा बंगाल में किए गए ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के लीजहोल्ड क्षेत्रों से अवैध खनन और कोयले की चोरी के कथित अपराधों के संबंध में एक प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके तहत ईडी ने नई दिल्ली स्थित हेड इन्वेस्टिगेटेड यूनिट में इंफोर्समेंट केस इनफार्मेशन रिपोर्ट (ईसीआइआर) दर्ज किया है।

याचिका में कहा गया है ईडी ने बार-बार याचिकाकर्ताओं को व्यक्तिगत रूप से नई दिल्ली में ईसीआइआर की प्रति दिए बिना ही बुलाया है। इसके अलावा उन्हें यह भी नहीं बताया कि उन्हें गवाह या आरोपित के रूप में बुलाया गया है और न ही जांच के दायरे का संकेत दिया जा रहा है।

याचिकाकर्ताओं ने ईडी द्वारा की जा रही जांच की निष्पक्षता के बारे में गंभीर आशंका जताई है। याचिका में यह भी कहा गया है कि एजेंसी मीडिया को उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के इरादे से और निराधार और निंदनीय आरोपों में झूठा फंसाने के लिए मीडिया ट्रायल को प्रोत्साहित करने के इरादे से चुनिंदा रूप से जानकारी लीक कर रही है।