ईरान के मुर्तजा चेका घियासी को हराकर सेमीफाइनल में पहुंचे बजरंग पूनिया


चीबा (जापान): कुश्ती में भारत के लिए तोक्यो ओलंपिक में पदक की आखिरी उम्मीद बजरंग पूनिया ने ईरान के मुर्तजा चेका घियासी के खिलाफ शुक्रवार को यहां 65 किग्रा भार वर्ग में अपने अनुभव और कौशल का शानदार इस्तेमाल करते हुए जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में जगह पक्की की। ईरान के पहलवान ने पहले पीरियड में एक अंक जुटाकर बजरंग पर बढ़त बना ली। इस पीरियड में ज्यादातर समय बजरंग घियासी की रक्षात्मक खेल को मात नहीं दे सके। इस दौरान घियासी ने बजरंग के दायें पैर पर मजबूत पकड़ बना ली थी।

दूसरे पीरियड के आखिरी क्षणों में भी घियासी ने बजरंग के दायें पैर पर फिर से मजबूत पकड़ बनाने में सफल रहे लेकिन भारतीय पहलवान ने शानदार कौशल का परिचय दिया और वह इससे बाहर निकलने में सफल रहे। उन्होंने इसके बाद घियासी को चित कर जीत दर्ज की।

बजरंग को फाइनल में जगह बनाने के लिए अजरबैजान के हाजी अलीव से भिड़ना होगा। अलीव तीन बार के विश्व चैंपियन और रियो खेलों के कांस्य विजेता हैं। बजरंग ने इससे पहले किर्गीस्तान के अर्नाजार अकमातालिएव को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह पक्की की थी।

ओलंपिक खेलों के अपने पहले मुकाबले के शुरुआती पीरियड के आखिरी क्षणों में बजरंग ने अकमालालिएव को मैट पर पटक कर 3-1 की बढ़त बना ली लेकिन किर्गीस्तान के पहलवान ने दूसरे पीरियड में पुशआउट के जरिये दो बार एक-एक अंक जुटाकर स्कोर बराबर कर दिया। बजरंग ने दो अंक वाला एक स्कोर बनाया था इसलिए उन्हें विजेता घोषित किया गया। बजरंग के लिए यह मुकाबला आसान नहीं था। वह रूस के एक स्थानीय टूर्नामेंट के दौरान घुटने की मामूली चोट से उबर कर इन खेलों में आए है।

अपना पहला ओलंपिक खेल रही भारतीय पहलवान सीमा बिस्ला 50 किग्रा के पहले दौर में ट्यूनीशिया की सारा हमदी से 1-3 से हारने के बाद प्रतियोगिता से बाहर हो गई। सीमा को हमदी ने खुलकर खेलने का कोई मौका नहीं दिया । मुकाबले में कोई दाव देखने को नहीं मिले । हमदी ने तीन में से दो अंक पुशआउट पर और एक सीमा के रक्षात्मक खेल पर बनाये। सीमा ने अपने प्रतिद्वंद्वी को धक्का देकर अंक बनाया।

हमदी को हालांकि बाद में हार का सामना करना पड़ा जिससे सीमा का ओलंपिक अभियान एक मुकाबले के बाद ही खत्म हो गया। सीमा ने 2017 के बाद से कोई राष्ट्रीय टूर्नामेंट नहीं जीता है लेकिन मई में सोफिया में विश्व ओलंपिक क्वालीफायर जीतकर ओलंपिक में जगह बनाई थी।