Big Breaking: बिहार-झारखंड में सभी पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन जल्‍द, 86 नई ट्रेनों के ऐलान की भी संभावना

पूर्व मध्‍य रेलवे के अंतर्गत बिहार और झारखंड में सभी ट्रेनों को चलाने की तैयारी फिर से शुरू हो गई है। यह जानकारी मुख्‍य जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने दी। उन्‍होंने दावा किया कि 86 और ट्रेनों को फिर से चलाने के लिए रेलवे बोर्ड से अनुमति मांगी गई है। इसके साथ ही 30 जोड़ी लोकल ट्रेनों का परिचालन एक ही दिन शुरू करने की तैयारी भी चल रही है। दरअसल लोकल ट्रेनों को चलाने के लिए दैनिक यात्री काफी दबाव बना रहे हैं। लोकल ट्रेनें चलाने की मांग को लेकर पटना-आरा रेलखंड के सदिशोपुर स्‍टेशन पर सोमवार को लोगों ने दो घंटे तक मेमू ट्रेन को रोक कर रेल यातायात बाधित किया था। मंगलवार को भी दैनिक यात्रियों ने इसी स्‍टेशन पर दो मेमू ट्रेनों को रोक कर नई दिल्‍ली - हावड़ा मुख्‍य रेल लाइन पर यातायात रोक दिया।

एक्‍सप्रेस ट्रेनों को भी बढ़ाने की चल रही तैयारी

रेलवे की ओर से लंबी दूरी की अधिकांश ट्रेनों का परिचालन शुरू हो चुका है। पूर्व मध्य रेल में पहले 307 जोड़ी मेल-एक्सप्रेस तथा 190 जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन किया जाता था। कोविड के बाद पूर्व मध्य रेल के विभिन्न स्टेशनों के लिए 279 जोड़ी मेल-एक्सप्रेस तथा 74 जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है। रेलवे की ओर से शीघ्र ही सभी रेलखंडों पर सवारी गाडिय़ों के चलाने की योजना है। इसके लिए पूर्व मध्य रेल मुख्यालय की ओर से रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भेजा गया है। कोरोना संक्रमण का असर घटने के बाद एक्‍सप्रेस ट्रेनों में भी यात्री बढ़ने लगे हैं।

एक्‍सप्रेस ट्रेनों में सभी कोच पूरी तरह आरक्षित

इस संबंध में सीपीआरओ राजेश कुमार ने बताया कि सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए कोविड-19 के मद्देनजर यात्रियों के स्वास्थ्य हित में ट्रेनों में सभी डिब्बों को आरक्षित श्रेणी में रखा गया है, ताकि कोरोना संक्रमण से बचाव किया जा सके। परिस्थितियां जैसे-जैसे सामान्य हो रही हैं, यात्रियों की मांग एवं उनकी सुविधा हेतु अनारक्षित पैसेंजर स्पेशल ट्रेनों का भी परिचालन शुरू किया गया है। वर्तमान में पूरे देश में कोविड टीकाकरण अभियान तेजी से जारी है जिसमें लोग बड़ी संख्या में वैक्सीन ले रहे हैं । इससे कोरोना संक्रमण की दर में काफी कमी आई है। शीघ्र अधिकांश सवारी गाडिय़ों का परिचालन सुचारु होने की उम्मीद है।