उत्तराखंड में घुसने पर क्‍वारंटाइन होंगे कांवड़ यात्री, डीजीपी ने सीमाओं पर चौकसी बढ़ाने के दिए निर्देश


राज्य सरकार के कांवड़ यात्रा रद करने के फैसले पर अमल के लिए पुलिस ने कमर कसी है। डीजीपी अशोक कुमार ने स्पष्ट किया कि यदि कोई कांवड़ यात्री उत्तराखंड की सीमा में घुसता है तो उसे 14 दिन क्वारंटाइन किया जाएगा। सीमाओं पर चौकसी बरतने के साथ ही आसपास के रेलवे और बस स्टेशनों पर पुलिस टीम तैनात रहेगी। यहां पहुंचने वाले कांवड़ यात्रियों को शटल सेवा या अन्य माध्यमों से उत्तराखंड की सीमा के पार छोड़ा जाएगा।

गुरुवार को पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों के साथ डीजीपी अशोक कुमार ने बैठक कर कांवड़ यात्रियों को उत्तराखंड की सीमा में न आने देने के लिए रणनीति तैयार की। उन्होंने हरिद्वार, देहरादून, टिहरी व पौड़ी गढ़वाल के एसएसपी को कांवड़ इंफोर्समेंट टीम का गठन करने के निर्देश दिए। कहा कि यदि कांवड़ यात्री उत्तराखंड की सीमा में दिखाई दें तो उन्हें बस या अन्य माध्यम से वापस भिजवा दें। ट्रेन से आने वाले कांवड़ यात्रियों को रोकने के लिए हरिद्वार व अन्य रेलवे स्टेशनों पर रोक लिया जाए। इन्हें भी बस या दूसरे संसाधनों से वापस भेज दें।

डीजीपी ने गढ़वाल रेंज के डीआइजी को निर्देश दिए कि हरिद्वार जिले के सीमावर्ती थानों की पुलिस के साथ इस संबंध में जल्द बैठक करें। इसमें सीमावर्ती अन्य राज्यों के पुलिस उपमहानिरीक्षक स्तर के अधिकारियों को बुलाएं। बैठक में इस बात पर विचार कर लिया जाए कि अगर दूसरे राज्यों को टैंकरों के माध्यम से गंगाजल भेजना संभव हो तो इसे कैसे और किस माध्यम से किया जा सकता है। डीजीपी ने यह भी कहा कि अधीनस्थ अधिकारी कांवड़ संघों से बातचीत करके उन्हें उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा रद होने की जानकारी देने के साथ ही व्यवस्थाओं का अनुपालन करने को कहें। इस बातचीत का उल्लेख बाकायदा जीडी में दर्ज करें, ताकि यदि इनमें से कोई कोरोना महामारी एक्ट का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

कांवड़ से संबंधित सामग्री बेचने पर भी प्रतिबंध

डीजीपी ने बताया कि प्रदेश में कांवड़ से से संबंधित सामग्री बेचने पर पाबंदी लगाई गई है। जिला पुलिस अधीक्षकों से कहा गया है कि वह दुकानदारों को यह स्पष्ट रूप से बता दें। यदि कोई ऐसी सामग्री बेचता हुआ पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डीजीपी ने यह भी स्पष्ट किया कि अस्थि विसर्जन के लिए हरिद्वार आने वालों को सीमा न रोका जाए।