तिरपाल चोरी केस: हाईकोर्ट ने भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी और उनके भाई को नहीं दी राहत


तिरपाल चोरी केस में भाजपा के नेता सुवेंदु अधिकारी और उनके भाई की मुश्किलें कम नहीं हुई है। पूर्व मेदनीपुर के कांथी में कथित तौर पर तिरपाल चोरी मामले में न्यायालय ने भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी और उनके भाई सौमेंदु अधिकारी को राहत देने से इन्कार किया है। दरअसल, दोनों भाइयों ने इस मामले में दर्ज प्राथमिकी को रद करने के लिए हाई कोर्ट में एक याचिका लगाई थी। शुक्रवार को न्यायमूर्ति कौशिक चंद्रा के न्यायालय में मामले की सुनवाई हुई। 

कोर्टने प्राथमिकी को रद करने से इन्कार कर दिया। मामले में अगली सुनवाई मंगलवार को होनी है। उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनाव के बाद तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि सौमेंदु अधिकारी, जो कांथी नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन थे, ने अपने बड़े भाई सुवेंदु के आदेश पर नगरपालिका में रखे तिरपाल की चोरी की थी। इन तिरपालों को चक्रवात पीड़ितों को वितरित करने के लिए रखा गया था।

तृणमूल नेता की चुनावी याचिका पर कोर्ट का नोटिस जारी करने का निर्देश

-कलकत्ता हाई कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस प्रत्याशी नेता संग्राम कुमार दोलाई की उस याचिका के सिलसिले में शुक्रवार को संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया जिसमें उन्होंने मोयना विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के अशोक डिंडा के निर्वाचन को चुनौती दी है। न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष ने दोलाई की चुनावी याचिका पर विचार करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया नोटिस जारी करने का मामला बनता है। तृणमूल कांग्रेस के दोलाई पराजित उम्मीदवार हैं। पूर्व भारतीय क्रिकेटर डिंडा ने मोयना से 1260 मतों के अंतर से जीत हासिल की थी।

दोलाई के वकील एसके चक्रवर्ती ने अदालत के समक्ष पक्ष रखते हुए आरोप लगाया कि मोयना से भाजपा उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल करते समय तथ्यों को छिपाया और गलत जानकारी दी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव की प्रक्रिया के दौरान डिंडा द्वारा भ्रष्ट आचरण अपनाया गया था। याचिकाकर्ता दोलाई याचिका की सुनवाई के दौरान आनलाइन तरीके से अदालत के समक्ष मौजूद रहे। दोलाई तृणमूल कांग्रेस के उन पांच नेताओं में शामिल हैं जिन्होंने चुनाव हारने के बाद उच्च न्यायालय के समक्ष चुनावी याचिका दायर की है। इन पांच नेताओं में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी शामिल हैं।