बायजूस ने किया आकाश एजुकेशनल सर्विसेज का अधिग्रहण, 7300 करोड़ रुपये में हुई डील

देश में शिक्षा क्षेत्र की सबसे बड़ी ऑनलाइन स्टार्ट-अप कंपनी बायजूस ने सोमवार को कहा कि उसने आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (एईएसएल) का अधिग्रहण कर लिया है। इसका मकसद शिक्षा के ऑफलाइन कारोबार में मौजूदगी बढ़ाना है। सूत्रों के अनुसार यह सौदा करीब एक अरब (लगभग 7,300 करोड़ रुपये) में हुआ है। बायजू की ओर से किया गया यह सबसे बड़ा और दुनियाभर में एजुकेशन टेक्नोलॉजी क्षेत्र के सबसे बड़े अधिग्रहण सौदों में एक है।

हालांकि सौदे में शामिल कंपनियों ने इसकी वित्तीय जानकारी नहीं दी है। यह सौदा पूरा होने के बाद आकाश के संस्थापक और ब्लैकस्टोन बायजूस में शेयरधारक बन जाएंगे। इस सौदे के साथ ही बायजूस का मूल्य करीब 13 अरब डॉलर यानी लगभग 95,000 करोड़ रुपये हो गया है। बायजूस के निवेशकों में मैरी मीकर, यूरी मिनर, चान-जुकरबर्ग इनीशिएटिव, टेंसेंट, सिक्वोया कैपिटल और टाइगर ग्लोबल समेत अन्य कई नाम हैं। सूत्रों के मुताबिक बायजूस करीब 70 करोड़ डॉलर (5,100 करोड़ रुपये से अधिक) जुटाने की प्रक्रिया में भी है। इससे उसका मूल्यांकन और अधिक हो जाएगा।बायजूस ने इससे पहले वर्ष 2017 में ट्यूटरविस्टा और एडुराइट तथा वर्ष 2019 में ओस्मो का अधिग्रहण किया था।

एईएसए और बायजू ने इस सौदे के लिए करीब 6-7 महीने पहले बातचीत शुरू की थी। एईएसएल के प्रबंध निदेशक आकाश चौधरी ने कहा कि इस सौदे का कुछ हिस्सा नकद के रूप में और कुछ इक्विटी के रूप में है। उन्होंने कहा, यह करीब 60-65 फीसद नकद में और शेष इक्विटी में है और सौदे की कुल राशि करीब एक अरब डॉलर है। उन्होंने कहा कि एकीकरण के बाद आकाश की वृद्धि को तेज करने के लिए बायजू आगे और निवेश करेगाआकाश चौधरी के मुताबिक, यह भारत में शिक्षा के क्षेत्र में और विशेष रूप से स्टार्टअप क्षेत्र में सबसे बड़ा एकीकरण है। कोविड-19 के कारण ऑनलाइन शिक्षा पर जोर बढ़ा है और हमारा मानना है कि इसमें परीक्षा की तैयारी के साथ ही उच्च शिक्षा भी शामिल है।


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