Tesla ने बेंगलुरु में करवाया रजिस्ट्रेशन, अब यहीं तैयार की जाएंगी इलेक्ट्रिक कारें

अमेरिकी इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनी Tesla ने आखिरकार भारत में एंट्री कर ली है। एक रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, फर्म ने टेस्ला इंडिया मोटर्स एंड एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड को आरओसी बेंगलुरु के साथ पंजीकृत किया है। आपको बता दें कि कंपनी को 1 लाख रुपये की चुकता पूंजी के साथ एक असूचीबद्ध निजी संस्था के रूप में पंजीकृत किया गया है। 

रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (आरओसी) फाइलिंग के अनुसार वैभव तनेजा, वेंकटरंगम श्रीराम और डेविड जॉन फेंस्टीन को टेस्ला इंडिया के निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है। पिछले महीने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि टेस्ला 2021 में देश में अपना परिचालन शुरू करने के लिए तैयार है और मांग के आधार पर एक मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने पर भी विचार करेगा। बता दें कि बेंगलूरू की आबादी तकरीबन 1.27 करोड़ है।

इससे पहले मंगलवार को, दिग्गज भारतीय ऑटोमोबाइल कंपनी टाटा मोटर्स भारत में कंपनी के साथ जुड़ने से इनकार किया। कंपनी की तरफ से एक रेगुलेटरी स्टेटमेंट में कहा गया है कि "टाटा मोटर्स ने अपने पीवी कारोबार के लिए रणनीतिक साझेदार के बारे में कोई निर्णय नहीं लिया है और कंपनी ऐसी किसी भी अफवाह का स्पष्ट रूप से खंडन करती है।"

पिछले साल नवंबर में जब एक ट्विटर यूजर ने Tesla से भारत में एंट्री को लेकर सवाल पूछा था तब Tesla के CEO ऐलन मस्क ने इसका जवाब देते हुए कहा था कि "हां,निश्चित रूप से अगले साल।" यह कोई पहला मौक़ा नहीं है जब मस्क ने भारत में टेस्ला की एंट्री को लेकर ट्वीट किया है, इससे पहले भी वो इस विषय को लेकर ट्वीट कर चुके हैं। साल 2019 में उन्होंने एक ट्विटर क्वेरी का रिप्लाई करते हुए कहा था कि,"मुझे इस साल वहां आने में खुशी होगी। अगर इस साल नहीं आ पाया तो निश्चित रूप से अगले साल जरूर आऊंगा।" इस रिप्लाई में मास्क भारत में टेस्ला की एंट्री को लेकर जवाब दे रहे थे।  

साल 2018 में मस्क ने देश के चैलेंजिंग रेगुलेटरी एन्वायरमेंट का हवाला देते हुए भारत में एंट्री नहीं लेने का कारण बताया था। इससे पहले, महाराष्ट्र सरकार ने कहा था कि वह राज्य में टेस्ला से संभावित निवेश की तलाश कर रही है और कंपनी के साथ विचार-विमर्श कर रही है। महाराष्ट्र का चाकन इंडस्ट्रियल बेल्ट पहले से ही एक बड़ा ऑटोमोबाइल हब है जहां पर देशी और विदेशी ऑटोमोबाओल कंपनियों के प्लांट लगे हुए हैं। 

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