अभेद्य लाल किले तक पहुंचे प्रदर्शनकारी किसान, धरी रह गई पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था


कृषि कानूनों को रद्द किए जाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे प्रदर्शनकारी किसानों ने लाल किले पर पहुंचकर अपना झंडा फहराया। देश के इतिहास में ये पहला मौका होगा जब किसानों ने यहां पहुंचकर झंडा फहराया होगा। किसानों ने यहां दो झंडे फहराए। जिस जगह पर उपद्रवी किसानों ने झंडा फहराया वहां स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झंडा फहराते है। इसी के सामने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।  

लालकिला के लाहौरी गेट पर लगा दरवाजा उपद्रवी किसानों ने तोड़ दिया है। इसके बाद उपद्रवी मीना बाजार तक पहुंच गए हैं। मीना बाजार में क्या नुकसान किया है? अभी पता नही चल पा रहा है। बताया जा रहा है कि वहां कार्यरत कर्मचारियों ने अपने को कार्यालय में बंद कर लिया है। इस बीच खबर आ रही है कि प्रदर्शनकारियों ने फिर ध्वजारोहण स्थान पर कब्जा कर लिया है। हजारों की संख्या में लोग ध्वजारोहण स्थान पर पहुंच गए हैं। 

तीन कृषि कानूनों को खत्म किए जाने की मांग को लेकर 26 जनवरी को किसानों ने किसान गणतंत्र परेड का आयोजन किया। इस मौके पर किसानों की ओर से राजधानी-एनसीआर के इलाके में ट्रैक्टर मार्च निकाला गया। इसके लिए किसान संगठनों की ओर से कई दिनों से तैयारी की जा रही थी। दिल्ली पुलिस और किसानों की कई दौर की बातचीत के बाद रूट तय किए गए थे।

इसके बाद किसान गणतंत्र दिवस के दिन दोपहर 12 बजे परेड के बाद ट्रैक्टर मार्च निकालने को तैयार हुए थे। आपसी सहमति के बाद परेड निकाली जानी थी, पुलिस प्रशासन भी ट्रैक्टर परेड को सकुशल कराने के लिए तैयारी के साथ लगा हुआ था। तस्वीरों में देखें किसानों ने ट्रैक्टर रैली को निकालने के लिए सिंघु बॉर्डर, टीकरी बॉर्डर, यूपी गेट और नोएडा इंट्री पॉइंट पर किस तरह से ट्रैक्टर मार्च निकाला। 

किसानों के ट्रैक्टर मार्च ने आक्रामक आंदोलन का रूप ले लिया, किसानों ने दिल्ली-एनसीआर में दर्जनों जगहों पर उपद्रव मचाया। लाखों रूपये की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। लाल किला के अंदर भी तमाम तोड़फोड़ की। किसानों ने दो अन्य जगहों पर भी इसी तरह से गुंबद पर चढ़कर झंडा फहराया। ये सभी अपने साथ झंडा लेकर आए थे। 

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