2020 में इंटरनेट शटडाउन की वजह से भारत को हुआ करीब 204.89 अरब रुपये का नुकसान

इंटरनेट जहां लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। वहीं आर्थिक प्रबंधन का बड़ा कारक भी साबित हुआ है। इसके उपयोग और प्रभाव को जानना है तो इन तथ्यों पर गौर फरमाइए। ब्रिटेन के डिजिटल प्राइवेसी एंड सिक्योरिटी रिसर्च ग्रुप टॉप-10 वीपीएन की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत को 2020 में इंटरनेट शटडाउन की वजह से लगभग 2.8 बिलियन डॉलर (करीब 204.89 अरब रुपये) का नुकसान हुआ और8,927 घंटे तक इंटरनेट के इस्तेमाल पर लगी पाबंदी से 1.3 करोड़ उपभोक्ता प्रभावित हुए। इस मामले में यह आंकड़ा विश्व में सर्वाधिक है।

सिर्फ प्रमुख जगह ही शामिल

बीते साल भारत में कुल 75 बार इंटरनेट शटडाउन किया गया। रिपोर्ट में मुख्य स्थानों को ही शामिल किया गया है, इसमें गांव और कस्बों इत्यादि का जिक्र नहीं है। इन्हें शामिल करने पर आर्थिक क्षति 204.89 अरब रुपये से ज्यादा हो जाएगी।

21 देशों में 93 बार शटडाउ

भारत उन 21 देशों में टॉप पर रहा जिन्होंने इंटरनेट पर पाबंदी लगाई। इन देशों में कुल 93 बार इंटरनेट शटडाउन किया गया। इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर बेलारूस और तीसरे पर यमन हैं। विश्वभर में कुल इंटरनेट शटडाउन 27,165 घंटे का रहा जो बीते साल से 49 प्रतिशत ज्यादा था। इसके अलावा इंटरनेट मीडिया शटडाउन 5,552 घंटे रहा।

कश्मीर में सात माह रहा बंद

कश्मीर में बीते साल मार्च में इंटरनेट शटडाउन किया गया जो साल के अंत तक जारी रहा। इस प्रकार करीब सात महीने लोगों को बिना इंटरनेट के रहना पड़ा। इससे पहले अगस्त 2019 के बाद से कश्मीर के लोगों के लिए सिर्फ टूजी सेवा उपलब्ध कराई गई थी।

एक साल पहले की पाबंदियां रहीं जारी

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 2020 में 1,655 घंटों तक इंटरनेट ब्लैकआउट रहा और 7,272 घंटों की बैंडविथ प्रभावित हुई। यहां जो पाबंदियां 2019 में लगाई थीं वे 2020 में भी जारी रहीं और भारत को 2020 में इंटरनेट बंद होने से 2019 की तुलना में ज्यादा नुकसान हुआ। बीते साल महामारी के चलते चार बिलियन डॉलर (292 अरब रुपये) आर्थिक क्षति पहुंची। शटडाउन से भारत के अलावा म्यांमार सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। 

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