सभी ने आजादी हासिल कर काफी तरक्की कि, परन्तु आवश्यकता है कि आपस में प्रेम, भाईचारा, एकता एवं सदभाव कायम रखें:आयुक्त


-गणतंत्र दिवस समारोह पर आयोजित कार्यक्रम में आयुक्त,  द्वारा झंडोत्तोलन करते हुए जिलावासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दिया। 

सूरज कुमार

गया। गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर मंगलवार को गांधी मैदान में आयोजित कार्यक्रम में आयुक्त, मगध प्रमंडल, मयंक वरवड़े द्वारा झंडोत्तोलन करते हुए जिलावासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दिया। 

आयुक्त ने जिलावासियों को संबोधित करते हुए कहा कि ज्ञान, आध्यात्म एवं मोक्ष की पावन भूमि गया को नमन करते हुए गणतंत्र दिवस के अवसर पर सभी जिलावासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं। देश के अमर शहीदों, देश के महापुरुषों, कर्णधारों एवं देश को विकास के पथ पर अग्रसर करने वाले महापुरुषों को शत-शत नमन। गणतंत्र दिवस के पावन दिवस पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, डॉ० राजेन्द्र प्रसाद, पं० जवाहरलाल नेहरू, स्वतंत्रता सेनानियों, विशेषकर इस जिले के महान विभूतियों तथा अपने प्राणों की आहुति देकर स्वतंत्रता दिलाने वाले अन्य सभी अमर शहीदों के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ, जिन्होंने अपने बलिदान एवं अथक परिश्रम के बल पर देश को आजाद कराया तथा भारत के संविधान का निर्माण किया। भारत का संविधान विश्व का अनूठा संविधान है, जिसमें लचीलापन तथा लोक कल्याणकारी एवं समानता का सिद्धांत निहित है। 

हमे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि हमारे गया जिले का विभिन्न क्षेत्रों में चतुर्दिक विकास हो रहा है तथा यह विकास के पथ पर हमेशा अग्रसर है। शिक्षा, विकास, स्वास्थ, कृषि, विद्युत, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना, जल-जीवन-हरियाली अभियान, सामाजिक सुरक्षा अंतर्गत विभिन्न पेंशन योजनाएं, मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, जन वितरण प्रणाली, पथ निर्माण से संबंधित विभिन्न योजनाएं, सरकार के 7 निश्चय कार्यक्रम पार्ट-01 एवं पार्ट-02 हर खेत को पानी, विकास की विभिन्न योजनाएं, अनुसूचित जाति/जनजाति के कल्याणार्थ विभिन्न योजनाएं सहित जन सरोकार से जुड़ी योजनाओं को तेजी से क्रियान्वित करते हुए देश एवं राज्य की प्रगति में कदम से कदम मिलाते हुए समग्र विकास की ओर अग्रसर है।  

-बिहार के सात निश्चय पार्ट-02 कार्यक्रमों को जिले में लागू करने हेतु कार्रवाई की जा रही है। 

जिलावासियों, सुशासन के कार्यक्रम (2020-2025) के अंतर्गत आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय पार्ट-02 कार्यक्रमों को जिले में लागू करने हेतु कार्रवाई की जा रही है। आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय पार्ट-02 कार्यक्रम के अंतर्गत

युवा शक्ति-बिहार की प्रगति - इसके अंतर्गत संस्थानों में गुणवत्ता बढ़ाने की योजना, जिले में मेगा स्किल सेन्टर का निर्माण, टूल रूम सेन्टर स्थापित, स्किल एवं उद्यमिता हेतु नया विभाग, उद्यमिता विकास हेतु अनुदान/प्रोत्साहन पर कार्य किया जाना है।

सशक्त महिला-सक्षम महिला - इसके अंतर्गत महिला उद्यमिता हेतु विशेष योजना उच्चतर शिक्षा हेतु महिलाओं को प्रोत्साहन तथा क्षेत्रीय प्रशासन में आरक्षण के अनुरूप महिलाओं की भागीदारी पर कार्य किया जाना है। 

हर खेत तक सिंचाई का पानी - इसके अंतर्गत हर खेत में पानी पहुँचाने के लिए प्लाॅटवार सर्वेक्षण के मेें प्रथम चरण में जिले में 63.56% सिंचित पाये गये हैं। जल संसाधन विभाग, कृषि विभाग, ग्रामीण विकास विभाग एवं उर्जा विभाग के द्वारा अब तकनीकी सर्वेक्षण से सभी राजस्व गांवों के ऐसे प्लाॅट का सर्वेक्षण करेगी, जहां पानी नहीं मिल पा रहा है। 

स्वच्छ गांव-समृद्ध गांव - इसके अंतर्गत सभी गांवो में सोलर स्ट्रीट लाईट लगाने, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, पशु एवं मत्स्य संसाधनों का विकास पर कार्य किया जाएगा।

स्वच्छ शहर-विकसित शहर - इसके अंतर्गत वृद्धजनों हेतु आश्रय स्थल, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, शहरी गरीबों हेतु बहुमंजिला आवासन, सभी शहरों एवं महत्वपूर्ण नदी घाटों पर विद्युत शवदाह गृह सहित मोक्षधाम का निर्माण शामिल है।

सुलभ सम्पर्कता - इसके अंतर्गत ग्रामीण पथों की सम्पर्कता, शहरी क्षेत्रों में बाईपास अथवा फ्लाईओवर का निर्माण शामिल है।

सबके लिये अतिरिक्त स्वास्थ्य सुविधा - इसके अंतर्गत बेहतर पशु स्वास्थ्य प्रबंधन हेतु आधारभूत व्यवस्थाएं, गांव-गांव तक लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतर उपलब्धता इत्यादि कार्य किए जाएंगे। 


-जल-जीवन-हरियाली अभियान राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है

जिलावासियों, जल-जीवन-हरियाली अभियान राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके अंतर्गत वृक्षारोपण, नए तालाबों, आहर, पैइन, चेक डैम, कुआँ का निर्माण एवं जीर्णोद्धार बडे़ पैमाने पर किये जा रहे हैं, साथ ही जिले में सोख्ता का निर्माण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग का निर्माण भी बडी संख्या में कराये जा रहे हैं। जल संरक्षण की विभिन्न योजनाएं तेजी से क्रियान्वित की जा रही है। निजी घरों, खेतों, बगीचों, सड़कों के किनारे काफी संख्या में वृक्ष लगाए जा रहे हैं, जिससे जिले में भू-गर्भ जल में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्तमान में जिले में पीने के पानी की समस्या कहीं भी नहीं है। औसतन लगभग 17 फीट जल स्तर में वृद्धि हुई है। 

जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत इस वर्ष मनरेगा द्वारा 15 लाख तथा वन विभाग द्वारा 34 लाख वृक्ष लगाये गये हैं। इस प्रकार जिले में लगभग 50 लाख वृक्ष लगाये गये हैं।  

 गया जिले के लोगों को सालों भर पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री, नीतीश कुमार जी के विशेष पहल पर जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत गंगा उद्वह योजना के तहत् परियोजना कार्य का निर्माण कराए जा रहे हैं। गया जिला में गंगा जल उद्वह योजना फेज-01 के निर्माण कार्य तेज गति से चलाए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत जिले के मोहड़ा प्रखण्ड के तेतर पंचायत में गंगा जल लाने हेतु पाईप लाईन बिछाने का कार्य तेज गति से किए जा रहे हैं। साथ ही मानपुर प्रखण्ड अंतर्गत अबगिल्ला में जल शोधन संयंत्र का निर्माण किया जा रहा है। उम्मीद है कि अगस्त, 2021 में योजना का संभावित ट्रायल रन किया जाए। 

-कम समय में 1,61,479 हाउसहोल्ड को बिजली उपलब्ध कराकर उल्लेखनीय कार्य किया गया। 

डीएम, गया के नेतृत्व में निर्वाध विद्युत के क्षेत्र में जिला में ‘‘हर घर बिजली योजना-सौभाग्य‘‘ के तहत् एक वर्ष से भी कम समय में 1,61,479 हाउसहोल्ड को बिजली उपलब्ध कराकर उल्लेखनीय कार्य किया गया है। इस कार्य हेतु जिला पदाधिकारी, गया को लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार 21 अपै्रल, 2021 को दिया जायेगा। गया जिला को सौभाग्य योजना के तहत् ‘‘बेस्ट डिस्ट्रिक्ट इन द कन्ट्री‘‘ (BEST DISTRICT IN THE COUNTRY) का गौरव प्राप्त हुआ है। 

जिलावासियों, हमे यह बताते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि गया जिला को आकांक्षी जिला (ASPIRANT DISTRICT) घोषित किया गया है, जिसका मतलब है कि गया जिला में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, विद्युत, सहित विभिन्न जनोंपयोगी योजनाओं का क्रियान्वयन उल्लेखनीय रूप से त्वरित गति के साथ किया जा रहा है। 


-लोगों को सात निश्चय कार्यक्रम सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा गया

जिले में वामपंथ, उग्रवाद एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्र के लोगों को मुख्य धारा में लाने हेतु विभिन्न रोजगार, योजना यथा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना, मनरेगा, विकास योजनाएं, शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, सात निश्चय कार्यक्रम सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा गया है। भूमि विवाद के निराकरण हेतु प्रत्येक शनिवार को अंचलाधिकारी एवं थाना अध्यक्ष द्वारा जिले के थानों में संयुक्त बैठक कर भूमि विवाद का निराकरण किया जा रहा है।

-छात्र-छात्राओ के पठन-पाठन तथा इनके सर्वागीण विकास हेतु सतत् प्रयास किए जा रहे

जिले में छात्र-छात्राओ के पठन-पाठन तथा इनके सर्वागीण विकास हेतु सतत् प्रयास किए जा रहे है। इसके अन्तर्गत उन्नयन बिहार कार्यक्रम के तहत् जिले के 72 उच्च विद्यालय में स्मार्ट क्लास कार्यक्रम संचालित है। प्रत्येक कस्तुरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में 100 बालिकाओं को भोजन, छात्रवृत्ति, पोशाक तथा व्यवसाय हेतु आवासीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 

राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदाय के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चलायी जा रही है। इसके अंतर्गत अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार अधिनियम, मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति/जनजाति छात्रावास अनुदान योजना, छात्रावास खाद्यान्न आपूर्ति योजना, मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति उद्यमी योजना, सिविल सेवा योजना, महादलित सामुदायिक भवन का निर्माण इत्यादि। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार अधिनियम के अंतर्गत इस वित्तीय वर्ष में 5,69,16,250 रूपये का वितरण कुल-576 पीड़ितों के बीच किया गया है। 

कृषि के क्षेत्र में गया जिला निरंतर प्रगति कर रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत गया के 3 लाख किसान के बैंक खाते में छठवीं किस्त की राशि रू॰ 2,000 प्रति किसान की दर से भेजी गई है। 

लेमनग्रास की खेती से किसानों को अच्छी आय प्राप्त होती है। घरेलू एवं अन्र्तराष्ट्रीय बाजार में लेमनग्रास के तेल की भारी मांग को देखते हुए जिले में लेमनग्रास की खेती हेतु किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस कार्य हेतु एक वृहत कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है। साथ ही उन्नतशील किसानों को विशेष प्रशिक्षण हेतु सेंट्रल इंस्टीटूट ऑफ मेडिकल एंड अग्रोमटिक प्लांटेशन, लखनऊ भेजा जा रहा है। 

कृषि विज्ञान केन्द्र, मानपुर के द्वारा जिले में 2019-20 से पांच गांवों में मौसम अनुकूल खेती का प्रयोग शुरू किया गया है। 

07 से 21 दिसम्बर, 2020 तक सभी पंचायतों में किसान चैपाल आयोजित कर 25,000 से अधिक किसानों को तकनीकी जानकारी दिये गए है। 

मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक रोजगार ऋण योजना के अंतर्गत गया जिला में कुल-174 लाभार्थी का चयन कर विभाग को भेजा गया है।

मुख्यमंत्री प्रोत्साहन राशि के तहत् इंटर में उत्तीर्ण अल्पसंख्यक छात्रा को रू॰ 15,000 प्रति छात्रा की दर से 1,285 छात्राओं को प्रोत्साहन राशि लाभार्थी के बैंक खाता में भेजा गया है। 

 मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत् 1,067 लोगों को लाभ दिया गया है। सड़क सुरक्षा अंतर्गत परिवहन विभाग, बिहार द्वारा इस जिले में 20 (बीस) प्रखण्डों में यात्री शेड का निर्माण कराया जा रहा है, जिसमें 08 का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा शेष कार्य प्रगति में है। 

राशन कार्ड - जिले में अबतक कुल - 2,28,836 आवेदनों के विरूद्ध 1,83,791 राशन कार्ड ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में वितरण किया गया है। 

सतत् जीविकोपार्जन योजना के तहत् 3,592 परिवार चिन्हित किए गए है, जिनमें से 2,990 परिवारों को लाभान्वित किया गया है। 

जिले में मनरेगा के तहत् इस वित्तीय वर्ष में अबतक 71 लाख 55 हजार 300 मानव दिवस सृजित किया गया है, जो लक्ष्य का 98.46% है। इसके तहत् 82,021 योजनाओं को पूर्ण किया गया है। पूरे राज्य में गया जिला में मजदूरों को सर्वाधिक रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। कोविड-19 के दौरान 43,000 अप्रवासी श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।  

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत वित्तीय वर्ष 2019-20 में 22,046 इकाई की स्वीकृृति दी गई है, जो प्राप्त लक्ष्य का 95.68% है। साथ ही 11,527 आवास को पूर्ण कर लिया गया है। 

 लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत जिले में कुल-4 लाख 23 हजार 492 परिवार के घरों में शौचालय का निर्माण कराया गया है। जिनके पास शौचालय निर्माण हेतु जमीन नहीं है उनके लिए 1,487 सामुदायिक शौचालय स्वीकृृत किया गया है, जिसमें से 419 सामुदायिक शौचालय पूर्ण कराया गया है। 

गरीब कल्याण रोजगार योजना के तहत् 25 प्रकार की योजनाओं को शामिल करते हुए कोविड-19 के अंतर्गत अबतक 39,82,649 मानव दिवस सृजित किए गए हैं तथा लोगों को काम दिया गया है। साथ ही 465.39 करोड़ की राशि व्यय की गई है। साथ ही प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत 403 आवेदनों की अनुशंसा की गई है तथा 37 लाभुकों को ऋण की स्वीकृति दी गई है। 

 मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत् 0 से 02 वर्ष तक की कन्या के भरण पोषण के लिए प्रति वर्ष 1,000 रूपये कन्या के मां के बैंक खाते में दिया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2020-2021 में गया जिले में 21,581 लाभार्थी को राशि उपलब्ध कराया गया है।

प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना के अंतर्गत पहली बार गर्भधारण करने वाली महिलाओं को 3 किस्तों में 5,000 रूपये की राशि उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके तहत् अबतक 85,432 लाभार्थी को लाभ दिया गया है।

प्यारे जिलावासियों हमने आजादी हासिल कर काफी तरक्की किया है, परन्तु आवश्यकता है कि आपस में प्रेम, भाईचारा, एकता एवं सदभाव कायम रहे। देश के लोग एक दूसरे के कामों का आदर करें तथा सहयोग करें। हमारे युवा, किसान, श्रमिकों, वैज्ञानिकों, पदाधिकारियों, व्यवसायी, जनप्रतिनिधियों, महिलाओं, छात्र-छात्राओं, खिलाडियों, पुरूषों सभी को मिल-जुल कर काम करना होगा तभी हम एक विकसित राष्ट्र बना सकेंगे।

इसके पूर्व आयुक्त द्वारा परेड का निरीक्षण किया गया। परेड में शामिल बीएमपी 03, डीएपी, सीआरपीएफ, बिहार पुलिस, एसएसबी, होमगार्ड (पुरुष एवं महिला), स्काउट एंड गाइड के छात्र-छात्राएं, एनसीसी, सीनियर विंग के छात्र-छात्राएं थे। 

झंडोत्तोलन के समाप्ति के उपरांत विभिन्न विभागों द्वारा शिक्षाप्रद झांकी का प्रदर्शन किया गया, जो मुख्य मंच से होते हुए शहरी क्षेत्र में घुमाया जाएगा। 

इस अवसर पर परेड में भाग लेने वाले प्रत्येक पलाटून्स के लीडर को आयुक्त, मगध प्रमंडल, पुलिस महानिरीक्षक, मगध प्रक्षेत्र एवं डीएम द्वारा मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। साथ ही झांकी में प्रथम स्थान स्वास्थ्य विभाग, द्वितीय स्थान शिक्षा विभाग एवं तृतीय स्थान डीआरडीए ने प्राप्त किया एवं संबंधित विभाग के पदाधिकारी को भी मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। 

इस मौके पर पुलिस महानिरीक्षक, मगध प्रक्षेत्र अमित लोढ़ा, डीएम अभिषेक सिंह, एसएसपी आदित्य कुमार, नगर पुलिस अधीक्षक, नगर आयुक्त, नगर निगम, सहायक समाहर्ता, अपर समाहर्त्ता सहित ज़िला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

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