कोलकाता के कोयला तस्करी के सरगना अनूप माजी उर्फ लाला की संपत्ति जब्त करेगी सीबीआइ

सीबीआइ ने कोयला तस्करी के सरगना अनूप माजी उर्फ लाला की संपत्ति को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जो अभी भी कोयला तस्करी मामले में फरार हैं। कोर्ट के आदेश की प्रतियां गुरुवार को उसके साल्टलेक और पुरुलिया स्थित मकानों में चिपका दी गईं। दूसरी ओर गो तस्करी की जांच में तृणमूल नेता विनय मिश्रा के भाई विकास मिश्रा के नाम पर सीबीआइ ने एक लुकआउट नोटिस भी जारी किया। सीबीआइ पहले ही लाला के करीबी कई कारोबारियों के घरों की तलाशी ले चुकी है।

इस बार सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी ने लाला की संपत्ति को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की है। सीबीआइ सूत्रों के अनुसार, हाल ही में आसनसोल में एक विशेष सीबीआइ अदालत ने अपनी ओर से सूचित किया था कि लाला को गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद भी उसे नहीं पाया जा सका है। इसलिए, नियमों के अनुसार, उसे सीबीआइ के समक्ष हाजिर होने के लिए कहा गया था। सीबीआइ सूत्रों के अनुसार, अदालत ने लाला को आत्मसमर्पण करने की समय सीमा 11 फरवरी निर्धारित की है। लेकिन सीबीआइ ने संपत्ति को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है क्योंकि अभी तक उसका कोई पता नहीं चल पाया है। अदालत की वह कॉपी गुरुवार को उसके विभिन्न मकानों की दीवारों पर चिपका दी गई है। सीबीआइ ने साल्टलेक के दो घरों की दीवारों पर कॉपी चिपका दी।

लाला के घर के केयरटेकर ने कहा कि सीबीआइ आई थी, उसे नोटिस के कागज फाड़ने के लिए मना किया गया है। साल्टलेक के अलावा, सीबीआइ ने पुरुलिया के नितुरिया में लाला के घर और क्षेत्र के अन्य स्थानों पर अदालत के आदेश की प्रतियां चिपका दी गई हैं। सीबीआइ को कोयला घोटाले के एक अन्य आरोपित रत्नेश बर्मा की भी तलाश है, जिसे लाला का करीबी माना जाता है।

कोयला तस्करी के अलावा, सीबीआइ गो तस्करी की जांच में भी सक्रिय है। लेकिन आरोपितो में से एक तृणमूल महासचिव विनय मिश्रा अभी तक नहीं मिले हैं। इस बार, सीबीआइ ने उनके भाई विकास मिश्रा को गिरफ्तार करने के लिए एक लुकआउट नोटिस जारी किया। पहले उन्हें 16 जनवरी को हाजिर होने के लिए एक नोटिस भेजा गया था, लेकिन सीबीआइ सूत्रों ने दावा किया कि उन्हें डर है कि अपने भाई की तरह विकास राज्य से भाग सकते हैं। सीबीआइ के सूत्रों ने कहा कि विभिन्न हवाई अड्डों को भी इसके लिए सतर्क किया गया है। 

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