Bengal Assembly Elections: आज से लगातार तीन दिनों तक तीन जिलों में सभा करेंगी ममता


बंगाल विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहा है, बंगाल में राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ती जा रही है। इस बीच तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी स्थिति को पुनः मजबूत करने में जुट चुकी है।

तृणमूल कांग्रेस के कद्दावर मंत्री शुभेंदु अधिकारी के मंत्री पद से इस्तीफे के बाद उनके पार्टी छोड़ने के भी कयास लगाए जा रहे हैं जिसकी वजह से तृणमूल कांग्रेस संकट में आ सकता है। इसी हालात को भांपकर अब खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कमान संभाल ली है। इस कड़ी में ममता ने चार दिसंबर को सभी जिलों के पार्टी जिला अध्यक्षों, विधायकों व सांसदों के साथ वर्चुअल बैठक की थी। इसके बाद अब ममता सोमवार से लगातार तीन दिनों तक अलग-अलग जिलों में तीन सभाएं करेंगी।

मुख्यमंत्री सात दिसंबर, सोमवार को पश्चिम मेदिनीपुर जिले के मेदिनीपुर में सभा करेंगी जहां पूर्व मेदिनीपुर जिले से भी पार्टी के सभी प्रमुख नेताओं को बुलाया गया है।दरअसल शुभेंदु अधिकारी पूर्व मेदिनीपुर के नंदीग्राम से ही विधायक हैं और इस जिले सहित आसपास के पूरे जंगलमहल क्षेत्र में उनका प्रभाव है।

माना जा रहा है कि इसीलिए ममता वहां सभा करने जा रही है। वहीं 8 दिसंबर, मंगलवार को ममता पश्चिम बर्धमान जिले के दौरे पर जाएंगी। यहां वह एक सभा को संबोधित करने के साथ दुर्गापुर में नवनिर्मित सर्किट हाउस का उद्घाटन करेंगी। ममता जिले में कई विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन व शिलान्यास करेंगी। रात को ममता सर्किट हाउस में ही रुकेंगी और बुधवार सुबह वापस कोलकाता लौट जाएंगी।इसके बाद उसी दिन ममता मतुआ समुदाय के गढ़ नदिया जिले के ठाकुरनगर में एक सभा को संबोधित करेंगी।

मतुआ पर ममता की नजर

दरअसल, मतुआ वोट बैंक पर ममता की नजर है। बताते चलें कि खासकर नदिया तथा उत्तर व दक्षिण 24 परगना जिले की 70 से ज्यादा विधानसभा सीटों पर मतुआ समुदाय की जबरदस्त पकड़ है। यह समुदाय बांग्लादेश से पलायन करके आया था और वर्षों से यहां शरणार्थी के रूप में रह रहे हैं। बंगाल में मतुआ समुदाय के करीब 70 लाख शरणार्थी रहते हैं, जिन पर भाजपा व तृणमूल दोनों की नजर है। 


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