डीडीसी चुनाव नतीजों से गुपकार को मिला बल? 370 पर आगे कश्मीर में क्या होगा


जम्मू-कश्मीर में जिला विकास परिषद के चुनाव संपन्न हो गए हैं. इन चुनावों में गुपकार गठबंधन को सबसे अधिक सीटें मिली हैं, वहीं भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. अनुच्छेद 370 हटने, जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद राज्य में हुई ये सबसे बड़ी चुनावी प्रक्रिया थी, ऐसे में हार-जीत से अलग इन चुनावों से कई बड़े संदेश निकले हैं.

भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ एकजुट हुईं क्षेत्रीय पार्टियों ने अपना मकसद हासिल किया है, वहीं कांग्रेस को फिर झटका लगा है. पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं ने इन चुनावी नतीजों को केंद्र सरकार द्वारा हटाए गए अनुच्छेद 370 के खिलाफ एक संदेश माना है.

अनुच्छेद 370 पर गया संदेश... 

नजरबंदी के दौर से बाहर आने के बाद कश्मीर क्षेत्र की स्थानीय पार्टियों ने मिलकर गुपकार गठबंधन बनाया. पूरे चुनाव में उन्होंने जम्मू-कश्मीर को वापस उसका स्पेशल स्टेटस दिलवाने की बात कही. अब जो नतीजे आए हैं, उनसे इन मुद्दों को बल मिलता दिख रहा है. महबूबा मुफ्ती हो या फिर उमर अब्दुल्ला, दोनों ने यही कहा है कि कश्मीर की जनता ने केंद्र द्वारा गैर-कानूनी तरीके से हटाए गए अनुच्छेद 370 का जवाब दिया है. 

कश्मीर में पहली बार खिला कमल

कश्मीर की वादियों में पहली बार कमल खिला है. इन चुनावों में बीजेपी को कश्मीर में तीन सीटें मिली हैं, जो कि काफी बड़ी बात है. बीजेपी घाटी में तीन सीटों को एक उपलब्धि बता रही है, तो गुपकार गठबंधन उसे मिली करारी हार की याद दिला रहा है. हालांकि, दूसरी ओर जम्मू क्षेत्र में उम्मीद के मुताबिक बीजेपी का दबदबा काफी अधिक रहा है. 

अब आगे क्या होगा?

चुनाव खत्म होने के साथ ही अब भविष्य को लेकर बात हो रही है. चुनाव से संदेश मिला है कि गुपकार गठबंधन अनुच्छेद 370 और स्पेशल स्टेटस के मसले पर आक्रामक ढंग से आगे बढ़ेगा. तो दूसरी ओर बीजेपी की कोशिश होगी कि वो डीडीसी पर अपना कब्जा हासिल करे. उमर अब्दुल्ला ने संकेत दिए हैं कि अब उनके पास अनुच्छेद 370 के मसले पर लड़ने के लिए जनादेश है, ऐसे में वो अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे. 


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