Sitamarhi: रामपुर परोरी के 2000 ग्रामीणों का ऐलान- सड़क और नाला नहीं तो वोट भी नहीं


सीतामढ़ी जिला मुख्यालय से सिर्फ दो किलोमीटर की दूरी पर बसा है रामपुर परोरी गांव. इस गांव के वार्ड नंबर 14 में महादलित टोला बसा है. यहां करीब दो हजार लोग रहते हैं. यह टोला लखनदेई नदी के किनारे बसा है. बस्ती निचले इलाके में है इसलिए हमेशा यहां जलजमाव की दिक्कत रहती है. स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक कई वर्षों से इस इलाके की सड़कों की हालत दयनीय है. 

बरसात के समय पूरे गांव में पानी भर जाता है. कई लोग तो अब भी सरकारी स्कूल में शरण लिए हुए हैं. इस बार नाराज लोगों ने कहा कि यदि हमारे गांव की सड़क और नाला नहीं बनेगा तो वोट नहीं देंगे. इस गांव के लोगों के मुताबिक ये लोग 20 वर्षों से अपनी मूलभूत सुविधाओं को लेकर पंचायत के मुखिया और स्थानीय विधायक से लगातार गुहार लगा रहे हैं पर आज तक किसी ने इनकी फरियाद नहीं सुनी.

गांव में नहीं हैं मूलभूत सुविधाएं 

आक्रोशित लोगों ने कहा कि इस गांव में करीब 800 मतदाता हैं, जिनका बूथ गांव के ही सरकारी स्कूल में है. इस बार चुनाव में सड़क, नाला, जल जमाव के मुद्दे का निदान नहीं होता तब तक मतदान नहीं करेंगे. गांव के लोगों ने मुख्य सड़क पर वोट बहिष्कार का बैनर टांग दिया है. 

गांव वालों ने किया वोट का बहिष्कार 

हाथों में तख्ती लिए महिला पुरुष और बच्चे इस बार आर-पार की लड़ाई के मूड में दिख रहे हैं. सभी तख्तियों पर सड़क नहीं तो वोट नहीं का नारा लिखा हुआ है. ये इलाका 28 सीतामढ़ी विधानसभा क्षेत्र में आता है. यहां सीधी टक्कर बीजेपी और आरजेडी के बीच है. यह सीट फिलहाल आरजेडी के कब्जे में है.


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