Kolkata Durga Puja 2020: कोरोना महामारी के बीच कोलकाता में इस बार मां दुर्गा के हाथों में होंगे कोविड-19 से लड़ने के औजार


पूरी दुनिया पर कोरोना महामारी का कहर बरपा है। इसलिए खासकर पश्चिम बंगाल में इस वर्ष दुर्गा पूजा का संदेश भी अलग होगा। हालांकि इस वर्ष राज्य सरकार के निर्देश पर दुर्गा पूजा के आयोजन को सीमित कर दिया गया है।

लोगों को वैश्विक महामारी कोरोना के प्रति जागरूक करने के साथ ही कोरोना से लड़ने का उपदेश देने के लिए मां दुर्गा खुद कोविड-19 से लड़नेवाले औजार के साथ भक्तों के सामने प्रकट होंगी। मां दुर्गा भक्तों को कोरोना से लड़ने का संदेश देंगी। 10 हाथों वाली मां दुर्गा के हाथों में इस बार महिषासुर का वध करने वाले अस्त्र-शस्त्र नहीं, कोरोना को मात देने वाले औजार होंगे।

सोमवार को गौरीबेड़िया सार्वजनीन दुर्गोत्सव कमेटी ने अपने 87वें वर्ष दुर्गा पूजा को लेकर सीआइटी पार्क स्थित गौरीबाड़ी में खूंटी पूजन का आयोजन किया।इस बार खूंटी पूजन अलग अंदाज में हुआ। मां दुर्गा की एक प्रतिमा बनाकर उनको 41.8 ग्राम की चांदी का मास्क पहनाया गया। उनके हाथ में ग्लब्स, सैनिटाइजर और कोरोना से बचाव की तमाम सामग्रियां उनके हाथों में रखी गई।

खूंटी पूजन के दौरान उपस्थित शोभा बाजार राजबाड़ी के प्रधान पुरोहित संस्कृतज्ञ व सर्वभारतीय प्राच्य विद्यालय के प्रिंसिपल डॉक्टर जयंत तुषारी ने बताया कि हमारा शास्त्र कहता है कि परिवेश व परिस्थिति के अनुसार ही लोगों को काम करना चाहिए। पूजा में भी कहा गया है कि अगर आप हाथ-पैर धोये बगैर पूजा पर बैठते हैं, तो आपकी पूजा सफल नहीं होगी।स्वच्छता, सोशल डिस्टैंसिंग समेत कई सारे नियमों का पालन करने की बात हमारे शास्त्रों में है।

पूजा कमेटी के सेक्रेटरी मंटा मिश्रा ने बताया कि वर्तमान स्थिति अन्य वर्षों से बिल्कुल अलग है। यही वजह है कि इस बार कोविड-19 से लड़ने का संकेत देते हुए मां दुर्गा की पूजा होगी। डॉक्टर व प्रशासन ने जो हिदायत दी है, उसका पालन करते हुए ही इस बार पूजा होगी। मां दुर्गा के जरिये पूरे देश को एक मैसेज देना चाहते हैं। मुकुट तो रक्षा कवच है, ठीक उसी तरह से मास्क को भी रक्षा कवच के रूप में व्यवहार करने का संदेश देना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि इसके साथ ही मां दुर्गा के हाथों व शरीर पर आभूषण की जगह इस बार कोरोना से लड़ने के औजार भक्तों को दिखेंगे। मां दुर्गा को साधारण मास्क नहीं पहनाया जा सकता, इसलिए चांदी का मास्क पहनाया गया है। पूजा पंडाल में भी मां ऐसी ही नजर आयेंगी। अगर स्थिति ऐसी ही रही, तो पंडाल में सैनिटाइजर टनल लगाने का भी विचार है।

बंगाल में होने वाली दुर्गा पूजा विश्व विख्यात है। हर साल नयी नये-नये आइडियाज व एक से बढ़कर एक पंडाल को देखने दुनिया भर के लोग कोलकाता आते हैं। पूजा का आयोजन करने वाली समितियां दुर्गा पूजा की तैयारियां महीनों पहले शुरू कर देती हैं।

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