बीएसएफ ने बांग्लादेश सीमा पर 500 बोतल फेंसिडिल के साथ तस्कर को दबोचा


बंगाल के मालदा जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा पर नवादा सीमा चौकी इलाके में बीएसएफ की 24वीं वाहिनी के सजग जवानों ने तस्करी को नाकाम करते हुए 500 फेंसिडिल की बोतलों के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। फेंसिडिल कफ सिरप की अवैध तरीके से बांग्लादेश में तस्करी की कोशिश की जा रही थी, वहां लोग इसे नशे के तौर पर इस्तेमाल करते हैं।

पकड़े गए तस्कर का नाम श्यामल मंडल (24) है। वह गांव-श्रीनिवासपुर, पो -नवादा, थाना -कालियाचक, जिला- मालदा का रहने वाला है। पूछताछ में उसने इलाके के कई अन्य फेंसिडिल तस्करों के नाम भी उजागर किए है। जिनके खिलाफ पुलिस ने कानूनी कार्यवाही तेज कर दी है।

अधिकारियों ने बताया कि बीएसएफ इंटेलिजेंस ब्रांच को विश्वसनीय सूत्रो के द्वारा पता चला कि बुधवार दोपहर में टीटी पारा गांव के नजदीक कुछ तस्कर फेंसिडिल के साथ छिपकर बैठे हुए है। इसके बाद नवादा सीमा चौकी पर तैनात 24वीं बटालियन के जवानों ने तलाशी अभियान चलाया और एक तस्कर को धर दबोचा। तस्कर लगभग 8 से 10 के गुट बनाकर सीमावर्ती क्षेत्र से फेंसिडिल की बोतलें बांग्लादेश की तरफ फेंकने के मनसूबों से वहां आए थे। लेकिन बीएसएफ जवानों की तत्परता के कारण उनके मंसूबे कामयाब नहीं हुए। मौके से 500 फेंसिडिल के साथ एक तस्कर को पकड़ने में कामयाबी मिली जबकि बाकी तस्कर भाग निकले।

दरअसल, मालदा का सीमावर्ती कालियाचक इलाका विभिन्न तरह की तस्करी के लिए कुख्यात है। जिसमें फेंसिडिल के साथ जाली भारतीय मुद्रा, गांजा, हथियार आदि की तस्करी की जाती है। इस इलाके का तस्करी का नेटवर्क बांग्लादेश के चपाईनवाबगंज जिला के साथ बना हुआ है। जिसके कारण भारत-बाग्लादेश सीमावर्ती क्षेत्र से इस प्रकार की तस्करी करने का अक्सर प्रयास किया जाता है।

इधर, 24वीं वाहिनी, बीएसएफ के कमांडेंट अनिल होतकर ने बताया कि मुस्तैद जवानों द्वारा दिन- रात ड्यूटी में दिखाई हुई तत्परता के कारण तस्कर अपने मनसूबों में कामयाब नही हो पाते है। दक्षिण बंगाल सीमान्त मुख्यालय की तरफ से “शून्य तस्करी” अभियान दृढ़़ संकल्पता के तहत किया जा रहा है तथा सीमा सूरक्षा बल के कार्मिक इस संकल्प से प्रतिबद्ध होकर अपनी ड्यूटी निभा रहे है।

कोरोना की वजह से वापस अपने गांव लौटे कई श्रमिक करने लगे हैं तस्करी

बीएसएफ अधिकारी ने बताया कि कोरोना महामारी की वजह से सीमावर्ती क्षेत्र में कई श्रमिक अपने गांव में वापस लौट चुके हैं। इन श्रमिको को तस्करों द्वारा पैसों का लालच देकर सीमावर्ती इलाके में तस्करी में शामिल किया जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि फेंसिडिल कफ सिरप की बोतल बगैर किसी चिकित्सक परामर्श के बिना नही मिलती है, लेकिन इतनी बड़ी मात्रा में इस इलाके में फेंसिडिल को लाना और उसे सीमावर्ती क्षेत्र में कालियाचक जैसे जगह से वितरित किया जाना यह एक बड़ी समस्या है।

उन्होंने कहा कि आने वाले दिनो में भी सीमा सुरक्षा बल द्वारा सीमावर्ती क्षेत्र से हो रही फेंसिडिल तस्करी को रोकने के लिए निरन्तर प्रयास जारी रहेगें ताकि किसी भी तरह की तस्करी न हो पाए।गौरतलब है कि दक्षिण बंगाल फ्रंटियर की जिम्मेवारी के इलाके से चालू वर्ष 2020 के दौरान अब तक 1,45,782 फेंसिडिल की बोतले जब्त करने में कामयाबी हासिल की हुई है। 
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