West Bengal :कोलकाता महानगर में फिर सक्रिय हुआ जामताड़ा गैंग


पुलिस अधिकारी इस संभावना से इनकार नहीं कर रहे हैं कि इस घटना के पीछे जामताड़ा गिरोह का हाथ है। इससे पहले इसी तरह आरोपितों ने कभी ऑनलाइन वॉलेट कंपनी के कर्मचारी होने का ढोंग कर, कभी बैंक अधिकारी बनकर ठगी की है। इस बार उन्होंने एक नए तरीके से धोखा दिया। हाल ही में एक व्यक्ति ने एक मेकअप कलाकार को बुलाया, जो नेताजी नगर गांधी कॉलोनी का निवासी था, और खुद को सेना के एक अधिकारी बबलू कुमार के रूप में पेश किया। उसका कहना था कि वह अपनी बेटी की शादी में मेकअप करवाना चाहता है।

कलाकार इस प्रस्ताव पर सहमत हो गया। उसने अपने काम के कुछ नमूने ऑनलाइन के जरिए उस व्यक्ति को भेजे। फर्जी सेना के अधिकारी ने कहा कि उसे काम पसंद है। वह पहले कुछ पैसे भेजना चाहता है। ई-वॉलेट के माध्यम से शिकायतकर्ता को नमूने के रूप में पांच रुपये भेजे। इसके बाद आरोपित ने उसे यूपीआई कोड भेजा। जैसे ही उसने इसे स्कैन किया, धोखेबाज ने उसके सरकारी बैंक खाते से दस हजार रुपये निकाल लिए। उसके बाद, उसने कहा, उससे गलती हो गई है। इस बार वह पैसे भेज रहा है। फिर से उसने एक यूपीआई कोड कलाकार को भेजा। उसनेे उसका स्कैन किया। थोड़ी ही देर में जालसाज ने उसके दूसरे सरकारी खाते से बीस हजार रुपये निकाल लिए।

पुलिस के अनुसार, कोड स्कैन करते ही शिकायतकर्ता ने अनजाने में एक ऐप डाउनलोड कर लिया। आरोपित ने कथित तौर पर कलाकार के मोबाइल फोन को उसके माध्यम से मिरर कर लिया। उसके सभी बैंक लेनदेन और ओटीपी के बारे में सूचना मिनटों में जालसाज के हाथ में आ गई। पुलिस की सलाह है कि अगर कोई आपसे ऐसा ऐप डाउनलोड करने या लिंक भेजने के लिए कहता है, तो किसी को उस पर क्लिक नहीं करना चाहिए।आरोप है कि जामताड़ा गिरोह के जालसाजों ने धोखाधड़ी करने के लिए इस तरीके का इस्तेमाल किया। मामले की जांच की जा रही है। 


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