मोटे व्यक्तियों में संक्रमण का खतरा ज्यादा, पीएमसीएच के एक्सपर्ट ने कहा- जागरूकता ही बचाव का पहला पायदान


मोटापे के शिकार लोगों में शारीरिक प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। यही कारण है कि ऐसे लोग ब्लड प्रेशर, शुगर आदि बीमारियों के शिकार जल्दी होते हैं। ऐसे में सबसे बड़ी चिंता अब कोरोना वायरस को लेकर हो गई है। फ्रांस और ब्रिटेन में विभिन्न शोध में यह बात सामने आई है कि मोटापे के शिकार लोगों को कोरोना वायरस होने का संक्रमण सबसे ज्यादा होता है । इस लेकर इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने भी लोगों को आगाह किया है।

इधर, पीएमसीएच के डॉक्टरों की एक्सपर्ट टीम (कोविड टास्क फोर्स) ने इस पर सर्वे शुरू किया है। कोरोना वायरस से संक्रमित होने वाले लोगों का वजन, उम्र आदि का आकलन शुरू किया है। एक्सपर्ट टीम के डॉ. ऋषभ राणा ने बताया कि मोटापे को लेकर जागरूकता बेहद जरूरी है। क्योंकि मोटापे से ग्रसित लोग पहले से ही कई बीमारियों से ग्रसित होने की आशंका रहती है। डॉ. यूके ओझा, डॉ. झा, डॉ. एचके सिंह, डॉ. आरके वर्मा, डॉक्टर अनुपम शामिल हैं।

धनबाद में 15 फीसद लोग मोटापे की शिकार : डॉ. राणा ने बताया कि धनबाद में लगभग 15 फ़ीसदी लोग मोटापे से ग्रसित है। इसमें 18 वर्ष से लेकर 21 वर्ष तक के युवा भी शामिल हैं। यह धनबाद के लिए काफी चिंता की बात है। पहले यह 30 वर्ष से ऊपर हुआ करता था।

सांस की समस्या सबसे ज्यादा : मोटापे से ग्रसित लगभग 70 फीसद लोग शुगर, ब्लड प्रेशर, हार्ट सहित अन्य बीमारी से ग्रसित होते हैं। सांस की समस्या इसमें प्रमुख है। कोरोना वायरस का असर कम होने के बाद सांस की समस्या और बढ़ जाती है। ऐसे लोगों को वेंटिलेटर की ज्यादा आवश्यकता पड़ती है। इसलिए मोटापे से ग्रसित लोगों को सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है।

इन बातों का रखें ख्याल :

-हर दिन 40 मिनट कम से कम व्यायाम जरूर करें।
-ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं।
-वसायुक्त और तैलीय खाना बिल्कुल न लें।
-खाने में अधिक से अधिक फल और सब्जियों को शामिल करें।
-फास्ट, जंक फूड और शीतल पेय न लें।
-सुबह का नाश्ता जरूर करें, खाली पेट न रहे।
-खाना दो-तीन घंटे के अंतराल पर जरूर लें, एक साथ दिन भर का खाना नहीं खाएं।
-बेवजह तनाव नहीं पालें।

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