सर्वदलीय बैठक में बोलीं ममता, भारत में बैन करें चीनी निवेश भले ही झेलनी पड़े दिक्कत


लद्दाख की गलवान घाटी में चीन की सेना के साथ हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवानों की शहादत के बाद से देश गुस्से में हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को इसी मुद्दे पर सर्वदलीय वर्चुअल बैठक बुलाई थी. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस बैठक को लेकर कहा कि जवानों के लिए एकजुटता दिखाना राष्ट्र के लिए एक अच्छा संदेश है. बैठक के दौरान टीएमसी ने भारत में चीनी निवेश के मुद्दे को भी उठाया. टीएमसी के मुताबिक सामरिक क्षेत्र, मसलन दूरसंचार, रेलवे और विमानन क्षेत्रों में चीन को प्रवेश की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए.

बताया जा रहा है कि ममता बनर्जी ने बैठक में इस बात पर जोर दिया कि चीन की भारत में एंट्री बैन कर देनी चाहिए, फिर चाहे हमें थोड़ा नुकसान ही क्यों ना हो. उन्होंने कहा, "चीन को किसी भी सूरत में भारत के दूरसंचार, रेलवे और विमानन क्षेत्रों में प्रवेश की इजाजत नहीं मिलनी चाहिए. इससे हमें कुछ दिक्कतों का सामना जरूर करना पड़ेगा, लेकिन हमें चीन को घुसने नहीं देना है."

बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वरा बुलाए गए सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस समेत 20 राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ मंथन किया गया. इस बैठक में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सभी विपक्षी नेताओं को चीन के साथ गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प की जानकारी दी. साथ ही कहा कि हमारी सेना सीमा पर पूरी तरह मुस्तैद है.

इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सर्वदलीय बैठक के वक्त कई सवाल उठाए और कहा कि अब भी देश एलएसी से जुड़े कई मुद्दों पर अंधेरे में है. वहीं, एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने नसीहत देते हुए कहा कि चीन सीमा पर सैनिक हथियार लेकर गए थे या नहीं, यह अंतरराष्ट्रीय समझौतों द्वारा तय होता है. हम को ऐसे संवेदनशील मुद्दों का सम्मान करना चाहिए.

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