Coronavirus: बंगाल में स्कूल व कॉलेज 15 अप्रैल तक बंद, कोरोना से निपटने को 200 करोड़ के कोष की घोषणा


बंगाल की ममता सरकार ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए 200 करोड़ रुपये के कोष की घोषणा की है। इसके साथ सरकार ने कोरोना से बचाव में जुटे 10 लाख लोगों का पांच-पांच लाख रुपये का बीमा कराने का भी एलान किया है. कोरोना को लेकर देश में किसी राज्य सरकार की तरफ से उठाया गया यह अपनी तरह का पहला कदम है. कोरोना को लेकर सोमवार को राज्य सचिवालय नवान्न में हुई उच्च स्तरीय बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए.

बैठक के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के स्कूल-कॉलेजों सहित सभी शिक्षण प्रतिष्ठानों में छुट्टी की अवधि 15 अप्रैल तक बढ़ाने की घोषणा की. इससे पहले गत शनिवार को स्कूल-कॉलेजों में 31 मार्च तक की छुट्टी का निर्देश दिया गया था. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कोरोना से निपटने के लिए 200 करोड़ रुपये का फंड (कोष) बनाएगी ताकि रुपये की कोई कमी न हो. ममता ने राज्य के सभी सिनेमाघरों व थिएटरों को भी 31 मार्च तक बंद रखने का निर्देश दिया.

इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की कि कोरोना से बचाव में जो लोग जुटे हैं, ऐसे करीब 10 लाख लोगों का राज्य सरकार पांच-पांच लाख रुपये का बीमा कराएगी. इनमें डॉक्टर, नर्स, पुलिसकर्मी, अ‌र्द्ध-चिकित्सा कर्मी व अन्य शामिल हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से निपटने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह तैयार है। बंगाल में अब तक 3.24 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की गई है और उनमें से 5,590 लोगों को ऑब्जर्वेशन पर रखा गया है. उन्होंने दावा किया कि राज्य में अब तक कोरोना का एक भी मामला सामने नहीं आया है.

कोरोना से उत्पन्न हालात की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि एहतियातन राज्य सरकार ने सभी शिक्षण संस्थानों को 15 अप्रैल तक बंद रखने का फैसला लिया है, हालांकि बोर्ड परीक्षाएं तय कार्यक्रम के अनुसार होंगी. इस दौरान आइसीडीएस केंद्र भी बंद रहेंगे। शिक्षक अपने घर से ही काम करेंगे। ममता ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सबसे जरूरी है. आइसीडीएस केंद्रों के बच्चों तक सरकार दो-दो किलो चावल व दो-दो किलो आलू पहुंचाएगी ताकि उन्हें घर में ही भोजन मिल सके. कोरोना के मरीजों व उनका इलाज करने वाले डॉक्टरों के लिए दो लाख ड्रेस का ऑर्डर दिया गया है. इसके साथ दो लाख एन-95 मास्क, दो लाख सामान्य मास्क, 10,000 थर्मल व 300 वेंटीलेटर का भी राज्य सरकार ने ऑर्डर दिया है.

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि कोरोना से निपटने के लिए उनकी सरकार सभी उपाय कर रही है. लोगों को इससे घबराने की जरूरत नहीं है. उन्होंने सभी निजी अस्पतालों, नर्सिग होम व लैब से भी अपील की कि वे किसी मरीज को पैसे के अभाव में लौटाए नहीं. लोगों की जान सबसे जरूरी है. मुख्यमंत्री ने कोरोना के चलते बेलूरमठ प्रबंधन द्वारा लोगों के मठ में प्रवेश पर रोक लगाए जाने के फैसले की जमकर प्रशंसा की. उन्होंने सभी धार्मिक संस्थानों से अपील की कि मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा आदि में लोगों की भीड़ पर कुछ दिनों के लिए वे रोक लगाएं। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने अपने सभी कार्यालयों में हैंड सैनिटाइजर की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है ताकि वहां काम करने वाले कर्मचारी इसका उपयोग कर कार्यालय में प्रवेश करें. बैठक में राज्य के सभी विभागों के मंत्रियों व वरिष्ठ अधिकारियों सहित रेलवे, मेट्रो, बीएसएफ, सेना, सीआइएसएफ, पोर्ट ट्रस्ट आदि के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.