कोलकाता: पश्चिम बंगाल में नाका चेकिंग के नाम पर वाहनों को रोककर अवैध वसूली किए जाने का आरोप लगाते हुए राज्य विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने राज्य सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था अब “प्रतिष्ठानिक भ्रष्टाचार” का रूप ले चुकी है और पैसे देने से इनकार करने पर चालकों के खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए जाते हैं या उनके साथ मारपीट और उत्पीड़न किया जाता है।
शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि पुलिस के साथ मिलकर एक वर्ग के सिविक वॉलंटियर या होमगार्ड इस तरह की गतिविधियों में शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग ट्रक ड्राइवरों और खलासियों के साथ मारपीट करने से भी पीछे नहीं हटते, जबकि कानून उन्हें ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं देता।
अपने पोस्ट में शुभेंदु ने एक वीडियो भी साझा किया है जिसमें कथित तौर पर एक सिविक वॉलंटियर या होमगार्ड बिना किसी कारण ट्रक चालक को लाठी से मारते हुए दिखाई दे रहा है। अधिकारी ने कहा कि यदि कोई चालक कानून का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है, लेकिन किसी भी परिस्थिति में इस तरह की हिंसा की अनुमति भारतीय कानून नहीं देता।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि संबंधित सिविक वॉलंटियर या होमगार्ड की तत्काल पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाए। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन की “मौन सहमति” के कारण इस तरह की घटनाएं लगातार होती आ रही हैं। शुभेंदु अधिकारी ने अपने बयान में कहा कि राज्य की मौजूदा स्थिति में बदलाव आवश्यक है और इसके लिए सरकार को बदलना जरूरी है।
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