पीएम मोदी का पाकिस्तान पर निशाना- आतंक समर्थक देख लें कहां पहुंच गया बांग्लादेश


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान पर निशाना साधा है. उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बिना मंगलवार को कहा कि आतंक और हिंसा को राजनीति और कूटनीति का हथियार बनाना, कैसे पूरे समाज और देश को तबाह कर देता है, ये हम भली भांति देख रहे हैं. आतंक और हिंसा के वो समर्थक आज कहां हैं, किस हाल में हैं? दूसरी तरफ हमारा बांग्लादेश आज जिन ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है वो भी दुनिया देख रही है. प्रधानमंत्री मोदी ने बंग बंधु शेख मुजीबुर-रहमान की 100वीं जयंती पर यह बात कही.

असल में, पीएम मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बांग्लादेश में शेख मुजीबुर रहमान की 100वीं जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे. पीएम मोदी ने कहा, 'शेख हसीना जी ने मुझे इस ऐतिहासिक समारोह का हिस्सा बनने के लिए व्यक्तिगत तौर पर निमंत्रण दिया था, लेकिन कोरोना के कारण ये संभव नहीं हो पाया. फिर शेख हसीना जी ने एक और विकल्प दिया और इसलिए मैं वीडियो के माध्यम से आपसे जुड़ रहा हूं.'

पीएम मोदी ने कहा, 'बंग-बंधु शेख मुजीबुर-रहमान पिछली सदी के महान व्यक्तित्वों में से एक थे. उनका पूरा जीवन, हम सभी के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है.आज मुझे बहुत खुशी होती है, जब देखता हूं कि बांग्लादेश के लोग, किस तरह अपने प्यारे देश को शेख मुजीबुर-रहमान के सपनों का ‘सोनार-बांग्ला’ बनाने में जुटे हैं.'

प्रधानमंत्री ने कहा कि याद कीजिए एक दमनकारी और अत्याचारी शासन ने, लोकतांत्रिक मूल्यों को नकारने वाली व्यवस्था ने, किस तरह बांग्ला भूमि के साथ अन्याय किया, उसके लोगों को तबाह किया, सारी दुनिया भली-भांति उन बातों को जानती है. उन्होंने कहा कि उस दौर में जो तबाही मचाई गई थी, जो नरसंहार हुआ, उससे बांग्लादेश को बाहर निकालने के लिए, एक सकारात्मक और प्रोग्रेसिव सोसाइटी के निर्माण के लिए बंग-बंधु ने अपना पल-पल समर्पित कर दिया था.पीएम मोदी ने इस दौरान पाकिस्तान पर भी निशाना साधा. हालांकि उन्होंने पाकिस्तान का जिक्र नहीं किया, लेकिन पड़ोसी मुल्क की तरफ इशाार करते हुए कहा कि आतंक और हिंसा को राजनीति और कूटनीति का हथियार बनाना, कैसे पूरे समाज और देश को तबाह कर देता है, ये हम भली भांति देख रहे हैं. आतंक और हिंसा के वो समर्थक आज कहां हैं, किस हाल में हैं? दूसरी तरफ हमारा बांग्लादेश आज जिन ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है वो भी दुनिया देख रही है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे इस बात की भी खुशी है कि बीते 5-6 वर्षों में भारत और बांग्लादेश ने आपसी रिश्तों का भी शोनाली अध्याय गढ़ा है, अपनी पार्टनरशिप को नई दिशा और नए आयाम दिए हैं. ये दोनों देशों में बढ़ता हुआ विश्वास है, जिसके कारण हम दशकों से चले आ रहे जमीनी और समुद्री सीमा से जुड़े मुद्दों को, शांति से सुलझाने में सफल रहे हैं.