कोरोना के कहर पर बोले राहुल गांधी- ताली बजाने की नहीं, आर्थिक पैकेज की जरूरत


भारत में कोरोना वायरस का कहर बढ़ता जा रहा है. इस वायरस की मार देश की इकोनॉमी पर भी पड़ी है. इससे निपटने के लिए भारत सरकार की ओर से तमाम प्रयास किए जा रहे हैं. वहीं अब अब मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने सरकार से एक बड़े आर्थिक पैकेज की मांग की है.

राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा-

कोरोनावायरस हमारी नाज़ुक अर्थव्यवस्था पर एक कड़ा प्रहार है. छोटे, मध्यम कारोबारी और दिहाड़ी मजदूर इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. ताली बजाने से उन्हें मदद नहीं मिलेगी. आज नकद मदद, टैक्स ब्रेक और कर्ज अदायगी पर रोक जैसे एक बड़े आर्थिक पैकेज की जरुरत है. तुरंत कदम उठाएं.


दरअसल, पीएम नरेंद्र मोदी ने लोगों से रविवार को जनता कर्फ्यू के दिन शाम 5 बजे अपने-अपने घरों में ताली या थाली बजाकर कोरोना से निपटने में मदद कर रहे लोगों का सम्मान करने की अपील की है. राहुल गांधी ने पीएम मोदी की इसी अपील पर तंज किया है.

सरकार ने आर्थिक पैकेज के दिए हैं संकेत

राहुल गांधी ने ये मांग ऐसे समय में की है जब सरकार की ओर से आर्थिक पैकेज की मदद के संकेत दिए गए हैं. बता दें कि बीते शुक्रवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोरोना वायरस महामारी के कारण उत्पन्न स्थिति का जायजा लेने के लिए नागर विमानन, पशुपालन, पर्यटन और एमएसएमई मंत्रालयों के मंत्री और अधिकारियों के साथ बैठक की. इस बैठक के बाद उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस प्रभावित क्षेत्रों के लिए आर्थिक पैकेज की घोषणा जितनी जल्दी संभव हो सकेगा उतनी जल्दी की जायेगी. हालांकि, मंत्री ने पैकेज की घोषणा के बारे में कोई समयसीमा नहीं बताई.

टास्कफोर्स के गठन का किया ऐलान

इससे पहले, पीएम नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए इकोनॉमिक टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नेतृत्व में यह टास्क फोर्स एनपीए नियमों में ढील, कंपनियों के टैक्स भुगतान में समय देने जैसे कई बड़े कदम उठा सकता है, साथ ही असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे लोगों की आय होती रहे इसके लिए कोई घोषणा की जा सकती है.

बता दें कि कोरोना वायरस के चलते यात्राओं पर रोक कारोबारी गतिविधियां ठप पड़ने से ट्रैवल, टूरिज्म और होटल इंडस्ट्री सबसे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. इनके अलावा, ईंधन, बिजली, पानी, रबर, प्लास्टिक, कोयला, पेट्रोलियम उत्पादों से जुड़े उद्योग पर भी असर पड़ा है.